नई दिल्ली.काफी जद्दोजहद और विचार-विमर्श के बाद आखिरकार कांग्रेस ने वाराणसी से भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया। पार्टी ने स्थानीय नेता को तरजीह देते हुए स्थानीय नेता और पार्टी विधायक अजय राय को चुनाव मैदान में उतारा है।
कांग्रेस ने अजय राय की उम्मीदवारी का ऐलान करते हुए सभी धर्मनिरपेक्ष पार्टियों से उसके उम्मीदवार का समर्थन करने की अपील की है। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि समान विचारधारा वाले राजनीतिक दल कांग्रेस की अपील पर गंभीरता से विचार करेंगे।
पार्टी ने सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए वाराणसी से अजय राय पर दांव लगाया है। अजय राय ने 2009 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, वह तीसरे नंबर पर रहे थे। जबकि कांग्रेस उम्मीदवार राजेश मिश्र चौथे नंबर पर थे। इसलिए, कांग्रेस ने अजय राय पर भरोसा जताया है।
उत्तर प्रदेश में भाजपा के टिकट बंटवारे से ब्राहमण और भूमिहार नाराज हैं। अजय राय भूमिहार है। वाराणसी सीट पर भूमिहार मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या है और राय को ब्राहमणों का भी समर्थन मिल सकता है। ऐसे में राजेश मिश्र के मुकाबले अजय राय को उम्मीदवार बनाकर पार्टी इस नाराजगी का ज्यादा फायदा उठा सकती है।
वाराणसी से समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी से वैश्य समुदाय के उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल भी वैश्य हैं। वैश्य समुदाय को भाजपा समर्थक माना जाता है। ऐसे में पार्टी रणनीतिकार मानते हैं कि इससे नरेंद्र मोदी का वोट बंट जाएगा।
कांग्रेस की नजर मुसलिम वोट पर भी है। यूपी में अमूमन मुसलिम मतदाता भाजपा को हराने वाले धर्मनिरपेक्ष पार्टी के प्रत्याशी का समर्थन करते रहे हैं। अजय राय के पास भूमिहार समुदाय का समर्थन है, इसलिए मुसलिम मतदाता भी कांग्रेस उम्मीदवार होने के नाते अजय राय को वोट दे सकते हैं।
अजय राय भूमिहार, ब्राहमण और मुसलिम मतदाताओं को समर्थन हासिल करने में सफल रहते हैं, तो वाराणसी से नरेंद्र मोदी की राह मुश्किल हो सकती है। क्योंकि, 2009 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी सिर्फ 17 हजार वोट से ही जीत दर्ज कर पाए थे।
2009 के चुनाव
नाम पार्टी वोट प्रतिशत
मुरली मनोहर जोशी भाजपा 30.52%
मुख्तार अंसारी बसपा 27.94%
अजय राय सपा 18.61%
राजेश मिश्र कांग्रेस 9.98%
वाराणसी के जाति गत समीकरण –
ब्राह्मण – करीब दो लाख
मुसलिम – लगभग तीन लाख
वैश्य – करीब साढ़े तीन लाख
कुर्मी – लगभग सवा लाख
यादव – करीब सवा लाख
दलित – लगभग एक लाख बीस हजार
भूमिहार – करीब एक लाख चालीस हजार






















