तेजपुर असम। गुजरात के विकास मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए भाजपा के प्रधानमंत्री प्रत्याशी नरेन्द्र मोदी पर बरसते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज इसे खारिज कर दिया और कहा कि इसी फार्मूले को देश के सभी राज्यों में एकसाथ लागू नहीं किया जा सकता।
राहुल ने तेजपुर लोकसभा क्षेत्र में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘प्रत्येक राज्य का अपना स्वयं का इतिहास, ज्ञान, विचार एवं स्वयं की जरूरत अनुसार विकास मॉडल होता है। इस फार्मूले को देश के सभी राज्यों में लागू नहीं किया जा सकता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘असम को गुजरात मॉडल नहीं बल्कि असम मॉडल की जरूरत है। पहले से ही इसके जरिये राज्य में विकास और प्रगति हो रही है।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘गुजरात मॉडल काफी समय से अस्तित्व में था और इसको वहां की महिलाओं, किसानों और मजदूरों ने स्वरूप प्रदान किया है। किसी एक व्यक्ति को इसके लिए श्रेय लेने की जरूरत नहीं हैं।’’ चुनावी सभा में राहुल के साथ मुख्यमंत्री तरूण गोगोई एवं असम कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष भुवनेश्वर कालिता मौजूद थे।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा केवल एक विचार में भरोसा करती है जो सारे देश में लागू हो सके लेकिन यह किसी एक विचार का देश नहीं है।’’
राहुल ने कहा कि गुजरात में उनकी यात्रा के दौरान उनकी किसानों, महिलाओं, आदिवासियों, ओबीसी एवं गरीबों से बातचीत हुई। उन लोगों ने कांग्रेस नेता से उनकी समस्याओं पर गौर करने को कहा क्योंकि उनकी बात कोई नहीं सुनता।
उन्होंने कहा, ‘‘गुजरात मॉडल से उन चंद कंपनियों को लाभ मिला जिनके लिए किसानों की जमीन ली गई। हम अन्य राज्यों के लिए ऐसे मॉडल नहीं चाहते।’’
भाजपा के ‘‘इंडिया शायनिंग’’ का गुब्बारा 2004 में फटा था। एक ऐसा ही अन्य गुब्बारा 2009 में भी फटा था। इस बार भी पार्टी ने जो भेजा है वह तीन गुना तेज आवाज में फटेगा। उन्होंने कहा, ‘‘राजग ने 2004 में इंडिया शाइनिंग अभियान शुरू किया था। वह किसी गुब्बारे की तरह था जो ऊपर गया और हवा में फट गया। और इसे किसने फोड़ा, कांग्रेस ने नहीं बल्कि देश के गरीबों ने।’’
राहुल ने कहा, ‘‘2009 में फिर एक गुब्बारा ऊपर गया और मीडिया तक ने यह कहना शुरू कर दिया कि कांग्रेस सरकार नहीं बना सकती लेकिन फिर लोगों ने इस गुब्बारे को फोड़ दिया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस बार भी काफी हवा भरकर गुब्बारे को छोड़ा गया तथा यह तीन गुना तेज आवाज में फटेगा।’’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा हिन्दुओं को मुस्लिमों से लड़ाने, गरीबों को अमीरों से लड़वाने, मराठों को उत्तर प्रदेश के लोगों से लड़वाने में विश्वास करती है जिसके चलते उत्तर प्रदेश में आम चुनाव से पहले दंगे हुए। यह नाराजगी की राजनीति है तथा वे गरीबों और उनके दुख एवं पीड़ा को नहीं देख सकते।























