ग्वालियर। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा है कि चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) से तो लड़ लूंगीं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिम्मेदार नेता ही झूठी खबरें फैलाकर मुझे बदनाम करने का प्रयास करेंगे, तो उनसे कैसे निपटूं। उन्होंने बुधवार को यहां समाधि स्थल से ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को मैसेज दिया कि वह अपने पीआर डिपार्टमेंट के माध्यम से यह पता लगाएं कि किस भाजपा नेता ने उन्हें बदनाम करने के लिए यह अफवाह फैलाई कि उन्होंने भोपाल से टिकट मांगा।
झांसी संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी उमा ने झांसी में चुनाव प्रचार शुरू करने से पहले वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के समाधिस्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। वहीं, प्रेसवार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि मैं अफवाह फैलाने वाले नेता को दुखी कर दूंगीं।
उमा ने कहा कि भोपाल से चुनाव लड़ने के लिए कभी राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह को पत्र नहीं लिखा है। राज्य के एक बड़े नेता ने मुझे बदनाम करने के लिए समाचार-पत्रों के दफ्तरों में फोन कर यह अफवाह फैलाई। इस नेता का नंबर व नाम मुझे पता चल गया है। अब मैं इस तरह की अफवाह फैलने से दुखी नहीं होती हूं, लेकिन अफवाह फैलाने वाले नेता को अवश्य दुखी कर दूंगीं। उन्होंने शिवराज से इस अफवाह का जवाब देने के लिए कहा है।
मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया द्वारा वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के समाधिस्थल की शहीदों की मिट्टी की तुलना राजमाता विजयाराजे सिंधिया से कर बीजेपी उम्मीदवार जयभान सिंह पवैया पर छोड़े गए शब्दवाणों पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए उमा ने कहा कि इसका जवाब तो शिवराज व नरेंद्र सिंह को देना है,मैं यहां कोई मिट्टी लेने नहीं आई हूं, केवल शहीदों की भूमि को प्रणाम करने के लिए आई हूं। राजमाता की छत्री पर नहीं जा रही हूं।
उमा ने कहा कि जसवंत सिंह का मैं आडवाणी के बराबर ही सम्मान करती हूं। वह अनुशासन पसंद लीडर हैं। उन्हें पार्टी का निर्णय स्वीकार करना चाहिए। सीनियर लीडरों की उपेक्षा पर किए गए सवाल पर उनका कहना है कि इसका जवाब राजनाथ को देना है।






















