बनारस .आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि उन्हें सत्ता का लालच नहीं है और वो बनारस सांसद बनने नहीं बल्कि देश के भ्रष्टाचार से बचाने आए हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा को नहीं पता कि त्याग क्या होता है.
अरविंद केजरीवाल ने भाजपा नेता नरेंद्र मोदी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वो बेनिया बाग़ में आकर उनसे सीधी बहस करें और अगर वो ऐसा नहीं करते तो ‘हम मानेंगे कि दाल में कुछ काला है.
अरविंद केजरीवाल ने बनारस के बेनिया बाग़ मैदान में एक जनसभा के दौरान कहा कि पूरे देश में कांग्रेस के खिलाफ गुस्सा है, लेकिन बताया जा रहा है कि नरेंद्र मोदी का जोरदार समर्थन है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री का पद छोड़ने के बाद भगोड़ा कहे जाने पर केजरीवाल ने कहा कि भाजपा तो राजा हरिश्चंद्र को भी भगोड़ा कहती.
उन्होंने कहा कि सभी कह रहे हैं कि नरेंद्र मोदी ने बहुत विकास किया है, लेकिन किसी को ये नहीं पता है कि उन्होंने क्या विकास किया है.
केजरीवाल ने कहा कि नरेंद्र मोदी के विकास की बात मीडिया ने फैलाई है, जो सच्चाई से काफी दूर है.
अरविंद केजरीवाल के हज़ारों समर्थक पूरे दिन बेनिया बाग़ में उन्हें सुनने के लिए उनका इंतज़ार करते रहे.
कई लोग सुबह नौ बजे से ही सभा स्थल पर मौजूद थे. गर्मी होने के बावजूद कोई भी देरी की शिकायत नहीं कर रहा था. जब अरविंद केजरीवाल वहाँ पहुँचे तो लोगों ने उनका स्वागत “अरविंद केजरीवाल जिंदाबाद”का नारा लगाकर किया.
अरविंद केजरीवाल जब मंच पर बोलने के लिए आए तो सूर्यास्त होने ही वाला था. मंच पर लाइटें जल चुकी थीं. अपने भाषण में उन्होंने भ्रष्टाचार, अपराध और वंशवाद की राजनीति से लड़ने के वादा किया.
अपने भाषण के अंत में उन्होंने वहाँ मौजूद जनता से पूछा, “क्या मुझे चुनाव लड़ना चाहिए?”इसके जवाब में उनके समर्थकों ने हाथ उठाकर एकस्वर में ‘हाँ’ कहा. केजरीवाल के समर्थक उनकी जीत को लेकर आश्वस्त थे. लेकिन केजरीवाल का मुक़ाबला भाजपा के विवादित नेता नरेंद्र मोदी से है इसलिए उनकी जीत की राह आसान नहीं होगी.
भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी को वाराणसी से लोकसभा उम्मीदवार बनाया है, हालांकि मोदी गुजरात की वडोदरा सीट से भी मैदान में हैं.
इससे पहले केजरीवाल ने बंगलौर में एक रैली के दौरान कहा था कि उनकी पार्टी चाहती है कि वो नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ वाराणसी से चुनाव लड़ें.उन्होंने कहा था कि वो वाराणसी में जनसभा कर के जनता की राय लेंगे कि वो वाराणसी से लोकसभा चुनाव लड़े की नहीं.
इससे पहले अरविंद केजरीवाल मंगलवार सुबह सवा आठ बजे शिवगंगा एक्सप्रेस से वाराणसी पहुंचे.
केजरीवाल पहले 23 मार्च को वाराणसी में जनसभा करने वाले थे लेकिन प्रशासन की अनुमति ने मिलने के कारण वो 25 मार्च को रैली कर रहे थे.
उन्होंने वाराणसी के दशास्वमेध घाट पर स्नान किया और उसके बाद मशहूर काल भैरव मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किए.
वाराणसी में रोड शो के दौरान अरविंद केजरीवाल पर स्याही भी फेंकी गई.अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस एक दूसरे को कभी एक दूसरे को काले झंडे नहीं दिखाए, लेकिन आज सभी मिलकर आम आदमी पार्टी को काले झंडे दिखा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि दोनों दल मिले हुए हैं.






















