काशी.हिन्दू धर्मगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने मोदी को महादेव और गंगा के जयकारे के जेसा नारे लगाने से सनातन सभा हिन्दू धर्माब्लाम्बियो में गहरी नाराजी बढती जा रही हे। पूर्व में कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी इस प्रकार के नारो से “हर हर महादेव जयकारे” का अपमान बताते हुए बीजेपी पर हमला किया था।
बीजेपी के पीएम कैंडिडेट नरेंद्र मोदी के लिए लगने वाले ‘हर-हर मोदी’ के नारे पर विवाद खड़ा हो गया है। द्वारका और ज्योतिष पीठ के जगदगुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने नारे पर नाराजगी आपत्ति जताते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत से कहा, ‘बीजेपी गोलवलकर को भूल गई है क्या? नारा तो ‘हर हर महादेव’ का होता है. क्या अब भगवान शिव की जगह मोदी की फोटो लगेगी? भगवान की जगह मोदी को बैठा देंगे?’
जगदगुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती का कहना है कि सभी हिन्दुओ और भागवत ने भी माना है कि यह नारा सही नहीं है।
‘यह नारा भगवान का अपमान है’
शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती पहले ही मोदी को चिट्ठी लिख अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। स्वरूपानंद का कहना है कि यह नारा हर-हर महादेव और हर-हर गंगे के लिए लगाया जाता है। किसी व्यक्ति विशेष से नारा जोड़ने पर लोगों की धार्मिक आस्था आहत हो रही है। स्वरूपानंद का कहना है कि इस तरह के नारे से भगवान का अपमान हो रहा है।
…तो क्या आरएसएस भी कर रही व्यक्ति पूजा?
स्वरूपानंद सरस्वती का कहना है कि गोलवलकर की किताब विचार नवनीत में व्यक्ति पूजा को आरएसएस के सिद्धांत के खिलाफ बताया गया है। अगर आएसएस के कार्यकर्ता भी एक व्यक्ति (नरेंद्र मोदी) की पूजा कर रहे हैं, तो ये खुद संघ के सिद्धांतों के खिलाफ है।
जगदगुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती
जगदगुरु स्वरूपानंद सरस्वती द्वारका और ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य हैं। शंकराचार्य स्वरूपानंद को कांग्रेस का करीबी माना जाता है। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह भी स्वरूपानंद के शिष्य हैं। स्वरूपानंद सरस्वती स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भी रह चुके हैं।
विश्वनाथ मंदिर के महंत कुलपति तिवारी ने कहा है कि ‘हर हर मोदी’ का नारा लगाना ठीक नहीं है. उन्होंने कहा, ‘काशी की कोई भी जनता हर हर मोदी न कहे.
हिन्दू मतालम्बियो की भावना आहत करने बाले व्यक्तिवादी नारों से बचने के लिए शायद कार्यकर्ताओ के निर्देश उपाय किये जाएगे।























