चंडीगढ़.कांग्रेस आलाकमान की नयी रणनीति ने पंजाब कांग्रेस के अंदर जहां जान भर दी है, वहीं कई बड़े नेताओं के एक साथ चुनावी रण में उतरने से यह मुकाबला भी रोचक बनता जा रहा है। हाल ही में कांग्रेस ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह, प्रताप सिंह बाजवा, अंबिका सोनी और मनप्रीत सिंह बादल को मैदान में उतार कर विरोधी अकाली -भाजपा को हैरत में डाल दिया है। खबरें यह भी है कि कांग्रेस एक और दिग्गज सुनील जाखड़ को फिरोज़पुर सीट से उतारने पर विचार कर रही है।
जाखड़ ने कहा कि अभी तक पार्टी आलाकमान ने उनसे इस बारे में बात नहीं की है और अगर उन्हें चुनाव लडऩे के लिए कहा जाता है तो वह इसके लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
पंजाब में सबसे ज्यादा तवज्जो अंृतसर सीट को दी जा रही है जहां से भाजपा के उम्मीदवार अरूण जेटली के खिलाफ कांग्रेस ने अमरेंद्र सिंह को उतार कर इस लड़ाई को एक नया मोड़ दे दिया है। यहां जेटली के साथ साथ बादल की साख भी दांव पर लगी है। अमृतसर से अब जेटली को जिताने का जिम्मा भी मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उनके बेटे सुखबीर पर है। नवजोत सिंह सिद्धू के साथ सियासी विवाद के चलते बादल ने अरूण जेटली को टिकट देने की वकालत की थी। दूसरी ओर अमृतसर और गुरदासपुर सीट से लडऩे वाले अमरेंद्र सिंह और बाजवा के समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए यह सियासी मजबूरी होगी कि वे दोनों उम्मादवारों को जिताने के लिए काम करें। हालांकि माझा इलाके में कांग्रेस और कैप्टन अमरेंद्र का मज़बूत जनाधार है यहां के स्थानीय नेता कैप्टन से मिलकर उन्हें समर्थन का भी वादा कर चुके हैं।




















