नईदिल्ली.मुरलीमनोहर जोशी, लालजी टंडन, जसवंतसिंह, लालकृष्ण आडवाणी को उपेक्षित कर गेर भाजपाई को टिकट दे शायद जल्दी से जल्दी सत्ता पाने की दौड़ में पार्टी से अधिक व्यक्तिगत निष्ठाव को अधिक महत्त्व मिलने से पार्टी में निराशा और हेरानी का माहोल बन रहा हे. विवाद भरे दिन के बाद शनिवार को बीजेपी में उस वक्त पुनः विवाद की एक और स्थिति पैदा हो गई जब अहमदाबाद पूर्व लोकसभा क्षेत्र से मौजूदा सांसद एवं आडवाणी के वफादार हरिन पाठक के स्थान पर बॉलिवुड ऐक्टर परेश रावल को टिकट दे दिया गया।
पार्टी की ओर से शनिवार को जिन नौ उम्मीदवारों की सूची जारी की गई, उनमें अहमदाबाद पूर्व से रावल का नाम है। पहले इस सीट से नरेंद्र मोदी के चुनाव लड़ने की अटकलें थीं।
बीजेपी ने भोपाल सीट से राज्य पार्टी कार्यालय के प्रभारी आलोक संजर को टिकट दिया है। आडवाणी ने पहले भोपाल सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी, हालांकि बाद में उन्होंने गांधीनगर से ही चुनाव लड़ने का फैसला किया। खबर है कि पार्टी की फायरब्रांड नेता उमा भारती ने भोपाल से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी।
गुजरात में परेश रावल के अलावा साबरकांठा से दिलीप राठौड़, खेड़ा से देवू सिंह चौहान, जूनागढ़ से राजेश चूडास्मा और पंचमहाल से प्रभात सिंह चौहान को टिकट दिया गया है।
बीजेपी के संस्थापकों में शामिल जसवन्तसिंह ने कहा कि बीजेपी के दर्शन को अपनाने वालों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे जाने कि कौन अतिक्रमण कर रहा है और उनका क्या फायदा है? पूर्व केंद्रीय मंत्री को वरिष्ठ पार्टी नेता लालकृष्ण आडवाणी का करीबी माना जाता है और ऐसी अटकलें हैं कि नरेंद्र मोदी ने बाड़मेर टिकट के मुद्दे पर राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के रुख का समर्थन किया था.
अब वैकल्पिक प्रस्ताव मंजूर नहीं
कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए कर्नल सोनाराम चौधरी को बाड़मेर से टिकट दिए जाने के एक दिन बाद सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी मेरे साथ दो बार ऐसा कर चुकी है और अब वैकल्पिक प्रस्ताव स्वीकार करने की कोई संभावना नहीं है. सिंह ने पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा लेकिन किसी का नाम नहीं लिया. उनकी टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह और वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने उपयुक्त तरीके से सिंह की सेवाएं लेने की बात कही है.
पार्टी विरोधियों का जमावड़ा
जसवंत ने कहा कि दुर्भाग्य से विचाराधारा वाली पार्टी का अतिक्रमण ऐसे लोग कर रहे हैं जो पार्टी की विचारधारा के विरोधी रहे थे. उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बीजेपी को इन तत्वों (बाहरी) ने पूरी तरह से नियंत्रण में ले लिया है, जिन्हें पार्टी की विचारधारा के प्रति कोई सम्मान नहीं है.
आज पहुंचेंगे बाड़मेर
सिंह कल बाड़मेर पहुंचेंगे. हालांकि उन्होंने अपनी योजनाओं के बारे में कुछ भी बताने से इंकार किया. उन्होंने कहा कि बाड़मेर पहुंचने के बाद ही सभी बातों पर निर्णय करूंगा और अपने समर्थकों के साथ चर्चा करूंगा. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बीजेपी अब दो गुटों में बंट गई है, एक जो वास्तविक है और दूसरी जो नकली है और दुर्भाग्य से नकली के हाथों में अब पार्टी है.






















