नई दिल्ली : शिवसेना द्वारा उत्तर प्रदेश और बिहार में लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार उतारे जाने की घोषणा के बाद भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने आज अपने इस सहयोगी दल के प्रमुख उद्धव ठाकरे से बात की। सूत्रों ने बताया कि फोन पर हुई इस बातचीत में भाजपा प्रमुख ने महाराष्ट्र के अलावा भी कई राज्यों में लोकसभा चुनाव लड़ने की शिवसेना की इच्छा के बारे में चर्चा की। उद्धव के इस फैसले से भाजपा परेशान है।
सूत्रों ने बताया कि उद्धव ने राजनाथ से कहा कि शिव सेना की राज्य इकाइयों से दबाव बन रहा है कि वे अपने अपने प्रदेशों में पार्टी के उम्मीदवार उतारें। बताया जाता है कि शिव सेना प्रमुख ने भाजपा प्रमुख को ऐसा कोई आश्वासन नहीं दिया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश और बिहार में उम्मीदवार नहीं उतारेगी। केन्द्र की सत्ता से कांग्रेस को बेदखल करके राजग सरकार बनाने के लिए भाजपा इन दोनों राज्यों को सबसे अधिक महत्वपूर्ण मान कर वहां अपना आधार बढ़ाने में जी-जान से जुटी है।
भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी द्वारा एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे से मेल-मिलाप बढ़ाने के प्रयासों के बाद शिवसेना मुख्य विपक्षी दल से खासा नाराज है। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि शिवसेना और भाजपा के बीच गठबंधन भारत के राजनीतिक इतिहास में सबसे पुराना है। यह 28 साल का संबंध है। उन्होंने कहा कि शिवसेना हमारी खुद के परिवार की तरह है। पार्टी की अन्य प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने भी दावा किया कि शिवसेना के साथ न पहले कभी अनबन थी और न अब है।






















