नई दिल्ली। गुजरात के गांधी नगर से बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी फिर उम्मीदवार हो सकते हैं। गुजरात बीजेपी ने गांधीनगर से आडवाणी की उम्मीदवारी का प्रस्ताव रखा है। इसके बाद ये करीब-करीब तय हो गया है कि आडवाणी गांधी नगर से ही चुनाव लड़ेंगे। इससे पहले आडवाणी की उम्मीदवारी को लेकर अटकलों का बाजार गर्म था। एक तरफ जहां आडवाणी गांधीनगर से बीजेपी उम्मीदवार हो सकते हैं तो दूसरी तरफ गुजरात से मोदी की सीट को लेकर अभी तक कोई अंतिम फैसला होता नहीं दिख रहा। सूत्रों के मुताबिक नरेंद्र मोदी को सूरत या अहमदाबाद पूर्व से उतारा जा सकता है। मोदी यूपी के वाराणसी से पार्टी के उम्मीदवार तो होंगे ही, इसके अलावा मोदी को गुजरात से भी टिकट देने की मांग हो रही है।
जब चुनाव में आडवाणी राजेश खन्ना से हारते-हारते बचे थे
लोकसभा चुनाव जब 1991 में हुए थे। यह चुनाव दिल्ली सीट से भारतीय जनता पार्टी के शिखर पुरुष लाल कृष्ण आडवाणी तथा हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार राजेश खन्ना में थे। राजेश खन्ना को कांग्रेस से टिकट मिलने के दौरान कुछ नाराज कांग्रेस नेताओं ने आडवाणी की सहायता भी की थी। जानकारी अनुसार जब दोबारा मतगणना हुई तब आडवाणी जेसे नेता , फ़िल्मी सुपरस्टार राजेश खन्ना से यह चुनाव केवल दो हजार मतों से जीत सके।
जब चंद्रशेखर ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था उस समय देश में मध्यावधि चुनावों की घोषणा की गई। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने राजेश खन्ना को चुनावी मैदान में उतारा। लेकिन कांग्रेसी रणनीतिकारों को भी इस बात का अनुमान बिल्कुल भी नहीं था कि वह आडवाणी को इस कदर टक्कर देंगे।
चुनावों में जीत हासिल करने के लिए राजेश खन्ना नई दिल्ली के गली मुहल्लों में घर-घर जाकर अपने लिए वोट मांगने लगे। राजेश खन्ना के पारिवारिक तनाव के बावजूद भी उनके चुनाव प्रचार के लिए उनकी पत्नी डिंपल कपाडिया और उनकी दोनों बेटियां ने उनका साथ दिया।
राजेश खन्ना की लोकप्रियता को बढ़ते देख आडवाणी के चुनाव प्रबंधकों ने आडवाणी को संदेश दिया गया और वह अपने चुनाव प्रचार करने के लिए दिल्ली में ही रहें। चुनाव प्रबंधकों के कहने पर आडवाणी ने दिल्ली में आकर जन संपर्क किया। जब मतगणना का दिन आया तो दोनों पक्ष अपनी-अपनी तैयारियों के साथ डट गए। दोनों में मतगणना बराबर की चल रही थी। हालांकि अभी आखिरी नतीजा नहीं आया था। राजेश खन्ना के समर्थक उसकी जीत का जश्न मनाने लगे। राजेश खन्ना ने यह मांग की कि आखिरी दौर की मतगणना दोबारा से करवाई जाए तो इस दौरान आडवाणी ने दो हजार मतों से जीत हासिल की।























