नागपुर/नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल ने मीडिया के लोगों को जेल भेजने की धमकी दी है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘इस बार पूरा मीडिया नरेंद्र मोदी के लिए बिक चुका है। मोदी के बारे में कोई सच नहीं बताता। अगर कभी हमारी सरकार बनी तो जांच कराएंगे। मीडिया वालों के साथ सभी दोषियों को जेल भेजेंगे।’ केजरीवाल गुरुवार रात नागपुर के एक होटल में ‘आप’ की ओर से चंदा जुटाने के लिए की गई डिनर पार्टी में बोल रहे थे। इसमें शामिल 140 लोगों से 10-10 हजार रुपए की फीस ली गई थी।
शुक्रवार को इस भाषण का वीडियो सामने आ गया। भारी हंगामा शुरू हुआ तो केजरीवाल पलट गए। कहा, ‘ऐसा मैंने कब कहा? कैसे कह सकता हूं ऐसी बात।’ लेकिन इसके थोड़ी देर बाद दिल्ली में ‘आप’ के नेताओं ने केजरीवाल के बयान का समर्थन करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की। संजय सिंह, आशुतोष और आशीष खेतान ने कहा कि मीडिया में पेड न्यूज का कारोबार चल रहा है। केजरीवील भी कस्तूरचंद पार्क की आमसभा में सुबह दिए अपने बयान से एक बार फिर पलट गए और डिनर पार्टी वाले बयान पर वापस आ गए। केजरीवाल ने कहा है कि वे मीडिया को नहीं धमका रहे हैं। सुबह-शाम मीडिया उन्हें धमका रहा है।
उन्होंने कहा-हम वाड्रा, मोदी से नहीं डरे, मीडिया से भी नहीं डरेंगे। लोकतंत्र के जिम्मेदार स्तंभों को किसी मामले में दोषी पाए जाने पर सजा मिलती है। गुजरात विकास की खबरों की जांच होनी चाहिए। मीडिया को भी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने नितीन गडकरी पर हमला बोलते हुए उन्हें भ्रष्टाचारी और धंधेबाज बताया। केजरीवाल ने कहा कि गडकरी सभी दलों के नेताओं से मिले हुए हैं। भ्रष्टाचार पर सफाई देने के बजाय मानहानि का नोटिस भेज देते हैं। न्यायालय में उनको जवाब दिया जाएगा।
इस दौरान नागपुर लोकसभा क्षेत्र से आप उम्मीदवार अंजलि दमानिया, भंडारा से प्रशांत मिश्रा, रामटेक से प्रताप गोस्वामी, चंद्रपुर से वामनराव चटप, प्रतिभा शिंदे, विजय पांढरे, सुधीर सुर्वे, प्रदुम्न सहस्त्रभोजने,भावना वासनिक समेत अन्य पार्टी उम्मीदवार मंच पर उपस्थित थे।
चार चैनलों पर आरोप
आप के नेताओं ने चार चैनलों के नाम भी गिनाए। टाइम्स नाउ, जी न्यूज, इंडिया न्यूज और इंडिया टीवी। कहा कि ये चैनल आप और केजरीवाल के खिलाफ मुहिम चलाए हुए हैं। मनगढ़ंत स्टोरी प्रसारित कर रहे हैं। भाजपा के इशारे पर ये सब हो रहा है। पार्टी के पास इन चैनलों की फुटेज हैं। चुनाव आयोग से इनकी जांच कराने की मांग करेंगे।
फिर दी सफाई
आप प्रवक्ता आशुतोष के मुताबिक, केजरीवाल का कहना है कि मीडिया और न्यूज चैनलों का एक तबका मोदी का एजेंडा चला रहा है। इसकी जांच होनी चाहिए। पत्रकारों का बड़ा तबका ईमानदार भी है। पर उनका काम करना मुश्किल होने जा रहा है।
सभी दलों ने जताया विरोध
‘मैं तो पहले से ही कहता था कि ये लोग शहर में घुस आए नक्सली हैं। इनसे और क्या उम्मीद कर सकते हैं। अभी तो सरकार में भी नहीं हैं। बनेगी भी नहीं पर इमरजेंसी की बात करने लगे हैं।’- प्रकाश जावड़ेकर, भाजपा प्रवक्ता
मीडिया को भी थोड़ा देखना होगा कि वह संतुलित व्यवहार कर रहा है या नहीं। हालांकि बयान को सही नहीं ठहराया जा सकता। ’- मनीष तिवारी, केंद्रीय मंत्री
केजरीवाल ने नागपुर की मीटिंग में जो कहा..
‘पिछले एक साल में आप लोगों के दिमाग में मोदी.. मोदी.. मोदी.. भर दिया गया है। कुछ चैनल वाले कह रहे हैं कि करप्शन खत्म हो गया है। राम राज्य आ गया है। गुजरात में ये हुआ, वो हुआ। जानते हैं क्यों? पैसे दिए गए हैं। टीवी चैनलों को। मोदी को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के लिए भारी रकम दी गई है। पिछले 10 साल में गुजरात में 800 किसानों ने आत्महत्या कर ली। ये कोई नहीं बताएगा। अदानी को एक रुपए में जमीन दे दी गई। ये किसी चैनल ने नहीं दिखाया। अरविंद ने सिक्योरिटी ले ली है। उसने सिक्योरिटी नहीं ली है। जेड सिक्योरिटी ले ली.. वाई सिक्योरिटी ले ली। अरे! भाड़ में गई तेरी सिक्योरिटी। मोदी के बारे में कोई सच नहीं बताएंगे। इस बार पूरा मीडिया बिक गया है। यह बहुत बड़ी साजिश है। अगर हमारी कभी सरकार बनी तो हम इसकी जांच कराएंगे। मीडिया वालों के साथ सभी दोषियों को जेल भेजेंगे।’
(गुरुवार रात को डिनर पार्टी में बोलते हुए)






















