नईदिल्ली. अन्ना, कांग्रेस और बीजेपी आदि सियासी दलों में प्रवर समिति से पारित प्रस्तावित लोकपाल बिल को लेकर अंदरूनी सहमती बन गयी हे, जिसमें से की टीम केजरीवाल अलग थलग कर दी गयी, प्राप्त जनसमर्थन और गठन का सबसे बड़ा मुद्दा हाथ से निकलने से आम आदमी पार्टी के हाथ से तोते उड़ गए और इससे विचलित हो केजरीवाल कंपनी अब अन्ना के विरुद्ध भी अनर्गल प्रलाप में जुट गए लगते हे,कुमार विश्वास ने अन्ना की तुलना महाभारत के पात्र से कर अन्ना को ही कटघरे में डाल दिया.
उधर रालेगण सिद्धि में अन्ना हजारे ने फिर से सरकारी लोकपाल का खुल कर स्पस्ट समर्थन तो किया ही है, साथ ही अरविंद केजरीवाल पर भी तीखा हमला किया है। अन्ना हजारे ने कहा है कि लोकपाल देशहित में है और एक दो लोगों के विरोध से कोई फर्क नहीं पड़ता। साफतौर पर अन्ना ने अरविंद केजरीवाल को नसीहत देते हुए कहा कि जिन्हें ये लोकपाल बिल पसंद नहीं है वो बेहतर बिल के लिए आगे खुद अनशन कर आंदोलन करें तो वह इसमे सुधार करवा ले और बेहतर बिल लाएं, साथ ही उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी एक-एक बात मनवाने के लिए अनशन करते हुए मरना नहीं चाहता। मैं आगे संघर्ष करने के लिए जिंदा रहना चाहता हूं।’
अन्ना ने केजरीवाल के बयान को कठोर आपत्ति लेते हुए उसे खारिज किया,केजरीवाल को जमकर लताड़ा और एक बार फिर प्रस्तावित लोकपाल बिल पर संतोष कर सहमति जताई है.उन्होंने कहा,सरकार बेहतर बिल लायी जो अधिकतम हो सकता था इस बिल में हे,’लगता है कि केजरीवाल ने इस बिल को ठीक से पढ़ा नहीं है, उन्हें बिल ठीक से पढ़ना चाहिए. फिर भी यदि उन्हें कमियां नजर आ रही हो तो वह अलग से अपना आंदोलन करने के लिए स्वतंत्र हैं.’हजारे के सहयोगी सुरेश पठारे ने कहा,‘‘ अनशन की शुरुआत से अब तक अन्ना का चार किलोग्राम वजन कम हो गया है,’’
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के सुर भी अपने विरोधियों को लेकर बदले गए ने लिखा है कि मैं राहुल गांधी को लोकपाल बिल के समर्थन में खुलकर आने के लिए धन्यवाद देता हूं। बीजेपी नेता अरुण जेटली को भी बिल को समर्थन देने के लिए धन्यवाद देता हूं। उम्मीद करता हूं कि समाजवादी पार्टी भी बिल को समर्थन देगी। साथ ही मैं अन्ना हजारे को लोकपाल बिल को समर्थन देने के लिए धन्यवाद देता हूं। उम्मीद है कि लोकपाल बिल इस सत्र में कानून बन जाएगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटिल ने हजारे से मुलाकात कर कहा,‘‘मैं हजारे से व्यक्तिगत रुप से मिलने आया हूं.मैं सभी दलों से अनुरोध करता हूं कि वे उनके आंदोलन का समर्थन करें और यह सुनिश्चित करें कि विधेयक संसद में पारित हो.’’
समाजसेवी अन्ना हजारे ने कल कहा था, ‘‘ मैं इसे पूरी तरह स्वीकार करता हूं. यदि यह विधेयक पारित हो जाता है तो मैं अपना अनशन समाप्त कर दूंगा.यह विधेयक इस देश के गरीब लोगों के लिए मददगार होगा.’’
केजरीवाल ने कहा,‘‘ मैं वास्तव में आश्चर्यचकित हूं, अन्ना सरकारी लोकपाल विधेयक को कैसे स्वीकार कर सकते हैं? सरकारी लोकपाल एक जोकपाल है,उन्हें कौन गुमराह कर रहा है? वह कुछ भी कह सकते हैं लेकिन हम अपनी अंतिम सांस तक जनलोकपाल विधेयक के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे.’’























