नईदिल्ली.आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल ने सरकार बनाने के लिए नये चुनावी घोषणापत्र जेसी 18 मुद्दों की शर्त राखी जिसे कांग्रेस और बीजेपी ने तुरंत आगबबूला हो ख़ारिज कर आप को ख्याली जूठे वादे कर जनता को गुमराह कर बरगलाने और अब अहंकार में लिप्त होकर बकवास शर्त रख, आडम्बर कर जिम्मेदारी से भागने का आरोप लगाया,क्या हे आप की शर्ते:


1-कोई भी विधायक, कोई भी मंत्री या अफसर लालबत्ती की गाड़ी, बड़े बंगले और अपने लिए सुरक्षा नहीं लेगा।
2-विधायक फंड और काउंसलर फंड खत्म, सीधे मोहल्ला सभाओं को जाएगा। जनता तय करेगी कि पैसा कहां खर्च हो।
3-लोकपाल बिल पास होने के बाद 15 साल में कांग्रेस ने जितने घोटाले किए हैं, उनकी जांच हो।
4-सात साल में बीजेपी ने नगर निगम में जितने घोटाले किए हैं, उनकी जांच हो क्या बीजेपी को मंजूर है?
5-रामलीला मैदान के अंदर स्पेशल असेंबली सेशन बुलाएंगे और लोकपाल बिल वहां पास किया जाएगा।
6-दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए। कांग्रेस केंद्र में भी इसे पास कराने में मदद करे।
7-बिजली कंपनियों का ऑडिट हो, इनकार करने पर लाइसेंस रद्द हो, ऑडिट के बाद बिजली की दरें तय की जाएं।
8-दिल्ली में बिजली के मीटर तेज गलत पाया जाता है तो लगने की अवधि से कंपनी से पैसा वसूला जाए।
9-दिल्ली में पानी का माफिया काम कर रहा है। इसे बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं का संरक्षण है। इनको तिहाड़ जेल भेजा जाए। आम आदमी को 700 लीटर पानी मुफ्त दिया जाए।
10-दिल्ली की 30 पर्सेंट से ज्यादा जनता अनाधिकृत कॉलोनियों में, को 1 साल के अंदर इन्हें नियमित किया जाए।
11-दिल्ली की झुग्गी-बस्तियों में रहने वालों को पक्के मकान मिलने तक तोड़ा न जाए। शौचालय की व्यवस्था भी की जाए।
12-आम आदमी पार्टी की सरकार व्यापार और उद्योग के लिए बने कानून और नीतियों की समीक्षा करेगी।
13-आम आदमी पार्टी दिल्ली में रीटेल मे एफडीआई के खिलाफ है।
14-दिल्ली के किसानों को दूसरे राज्यों के किसानों की तरह सब्सिडी का लाभ मिले। ग्रामसभा की मंजूरी के बिना जमीन का अधिग्रहण न हो।
15-प्राइवेट स्कूलों में डोनेशन सिस्टम बंद किया जाए। फीस की प्रक्रिया पारदर्शी बने। 500 से अधिक नए स्कूल खुलें।
16-नए सरकारी अस्पताल खोल जाएंगे। प्राइवेट अस्पतालों में भी बेहतर इलाज का प्रबंध किया जाएगा।
17- दिल्ली में नई अदालतें खोली जाएं और नए जजों की नियुक्ति भी हो। इससे मामले 6 महीने में निपटाए जा सकें।
18-मुद्दों को क्रियान्वित करने के लिए दिल्ली नगर निगम में बीजेपी क्या इन मुद्दों पर आप पार्टी को सहयोग करेगी?
समर्थन लेने की शर्तों को कांग्रेस बकवास बताया
पार्टी ने शनिवार को कहा कि ‘आप’ अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है. वह दिल्ली बेसिरपैर के वादों का सब्जबाग दिखाकर सत्ता में आ गयी अब काम कर नहीं सकती तो टाल-मटोल कर पाखंड कर रही है.कांग्रेस की तरफ से हारून यूसुफ और लवली ने कहा कि केजरीवाल की शर्तों का समर्थन से कोई लेना देना नहीं है.बिना शर्त समर्थन हमने विधान सभा में सरकार नहीं गिरने देने का दिया हे, आप की जो शर्ते हे वो विधायी कार्य की न होते हुए कार्यपालिक प्रशासनिक किस्म के कार्य हे जिनमे फैसलों के लिए उन्हें खुद संसाधन जुटाने हे निर्णय लेना हे जिसमे विधायी समर्थन की जरूरत नहीं होती. ‘आप’ को तुरंत सरकार बनाकर अपना किये वादे पूरा करना हे पर उसने काल्पनिक झूठे वादे तो कर चुनाव जीत लिया पर अब सक्षम न होकर जिम्मेदारी से भाग इस तरह की शर्तें रखकर लोकतंत्र का मजाक उड़ा रही है और दिल्ली की जनता को गुमराह कर रही है.’
बीजेपी ने भी ठुकराईं ‘आप’ की शर्तें
बीजेपी नेता बलबीर पुंज ने कहा, ‘ये अहंकार की हद है. पार्टी को विधानसभा चुनावों में 28 सीटें मिली हैं और यह सोचने के बजाए कि सरकार कैसे बनाई जाए, पार्टी के नेता दूसरी पार्टियों पर आधारहीन आरोप लगाने में व्यस्त हैं. न वो सरकार बना रहे हैं और न ही अपने वादें पूरे कर रहे हैं. सरकार बनाने के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना और ऐसी शर्ते लगाना पूरी तरह अनुचित है.’
चाहते हे दुसरो पर लगे तोहमत
दरअसल कांग्रेस पहले ही सियासी दांव खेल उपराज्यपाल को पत्र लिखकर आम आदमी पार्टी को बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान कर ताल ठोकी चुकि है कि केजरीवाल सरकार बनाएं और जनता से किए गए सारे वायदे तय समयसीमा में तुरंत पूरा करके दिखाएं.बीजेपी भी 32 सीट जीतने के बाद भी सरकार बनाकार किये वादे पूरे करने की स्थिति में नहीं दिखती हे, लोकसभा के चुनाव नजदीक ही हे ऐसे में वादे पूरे न कर पाने का खामियाजा भुगतना तय हे अतः आप हो या बीजेपी दोनों सरकार से भाग रहे हे या वादे पूरे न करने देने का ठीकरा दल दुसरे पर पहले ही फोड़ देना चाहते हे .






















