सूरत . पुलिस क्राइम ब्रांच के एक सब इंस्पेक्टर से नारायण साईं की फरार रहने में मदद करने के मामले में पूछताछ कर रही है. सूत्रों के मुताबिक ये एसआई सीएम कुम्भानी, नारायण साईं की फरारी के समय उसे अहम जानकारी दिया करता था, जिसके बदले नारायण के एक साधक ने इस एसआई को दो करोड़ रुपए दिए. सूरत पुलिस ने खुलासा करते हुए कहा है कि नारायण साईं ने फरारी में मदद के लिए क्राइम ब्रांच के ही एक सब इंस्पेक्टर को दो करोड़ रुपए रिश्वत दी थी. सब इंस्पेक्टर के पास से दो करोड़ रुपए नकद बरामद भी कर लिए हैं. उल्लेखनीय है कि सूरत पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही थी कि 58 दिन फरार रहने के दौरान नारायण साईं की किस-किस ने मदद की. वहीं सूरत की लड़की के बलात्कार के मामले में फंसे नारायण साईं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. नारायण को शुक्रवार को फिर सूरत कोर्ट में पेशी होगी. नारायण की पुलिस रिमांड की मियाद शुक्रवार को खत्म हो रही है. सूरत पुलिस ने दावा किया है कि नारायण साईं ने पीड़िता से बलात्कार का गुनाह कबूल कर लिया है. नारायण साईं ने अपने गुनाह कबूलते हुए कहा है कि उसके कई महिलाओं के साथ अवैध संबंध रहे थे.
मालूम हो कि सूरत की एक लड़की ने नारायण पर रेप के आरोप लगाए हैं. दो बहनों की ओर से नारायण और उसके पिता आसाराम के खिलाफ सूरत की जहांगीरपुरा पुलिस चौकी में बलात्कार की शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद, पिछले दो माह से वह क्राइम ब्रांच के सब इंस्पेक्टर को दो करोड़ रुपए रिश्वत दे आराम से घूम रहा था.दो बहनों में से छोटी बहन ने आरोप लगाया था कि साईं ने 2002 से 2005 के बीच उसका बार-बार यौन उत्पीड़न किया.दोनों बहन उस समय आसाराम के सूरत आश्रम में रह रही थी. बड़ी बहन ने आसाराम पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. बलात्कार का केस दर्ज होने के बाद से ही नारायण साईं फरार था. नारायण साईं के खिलाफ पुलिस ने वारंट जारी कर उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था. नारायण साईं को हरियाणा में कुरुक्षेत्र के पीपली इलाके से गिरफ्तार किया गया.























