नई दिल्ली. लॉ इंटर्न छेड़छाड़ मामले में आरोपित जस्टिस गांगुली की मुश्किलें और बढ़ती जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट के जांच पैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जस्टिस गांगुली का आचरण अशोभनीय था। मिली खबर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित जांच पैनल ने पाया कि पहली नज़र में आरोप के पक्ष में सबूत उपलब्ध हैं। । इस मुद्दे पर मीडिया ने जब जस्टिस गांगुली से पूछा तो उन्होंने इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। पूर्व में जस्टिस गागुली ने कहा था की वो खुद मेरे पास आई थी और मेने नहीं रोका अगर चाहती तो जा सकती थी.
गौरतलब है कि बहुचर्चित लॉ इंटर्न छेड़छाड़ मामले में गठित जांच समिति की रिपोर्ट गुरुवार को सार्वजनिक कर दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक समिति ने पाया कि पीड़ित लड़की की शिकायत निराधर नहीं थी। पीड़ित लड़की सचमुच दिल्ली के एक फाइव स्टार होटेल के एक कमरे में करीब ढाई घंटे जस्टिस गांगुली के साथ थी। समिति के मुताबिक पहली नजर में यह बात सही लगती है कि जस्टिस गांगुली ने उस लड़की के साथ गलत आचरण किया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से यह भी साफ किया गया कि चूंकि घटना के वक्त पीड़ित लड़की सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी नहीं थी और अब जस्टिस ए. के. गांगुली रिटायर हो चुके हैं, इसलिए उनके खिलाफ इस मामले में कोर्ट कोई कार्रवाई नहीं करेगा।





















