नईदिल्ली. चीफ आफ डिफेंस स्टाफ के रूप में तीनों सेनाओं का एक सेनापति बनाने की दिशा में कवायद तेज करते हुए सरकार ने शीर्ष रक्षा ढांचे में व्यापक फेरबदल सुझाने के लिए गठित नरेश चंद्रा कमेटी की रिपोर्ट पर अंतिम निर्णय लेने के लिए इसे कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति के पास भेज दिया है। इसके अलावा सरकार ने समानांतर कदम उठाते एक बार फिर से राजनीतिक दलों को पत्र लिखकर सेनापति का पद सृजित करने के बारे में उनकी राय मांगी है। सुरक्षा मामलों पर पूर्व केबिनेट सचिव नरेश चंद्रा की अगुवाई में गठित 11 सदस्यीय समिति ने सीडीएस की स्थाई व्यवस्था होने से पहले सैन्य प्रमुखों की समिति के अध्यक्ष के मौजूदा व्यवस्था को दो साल के लिए स्थाई बनाने की सिफारिश की थी और अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी थी। नौसेना प्रमुख एड़मिरल डी के जोशी ने कल इस बात की पुष्टि की थी कि सीडीएस का पद सृजित होने से पहले अंतरिम व्यवस्था के तौर पर सैन्य प्रमुखों की समिति के अध्यक्ष पद को स्थायी रूप दिए जाने पर तीनों सेनाओं में सहमति हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस सिफारिश पर सरकार कब निर्णय लेती है और किसी रूप में यह फैसला लागू होता है. इस बार में वह कुछ नहीं कर सकते।






















