नई दिल्ली. नौसेना दिवस की सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस में नौसेना प्रमुख एडमिरल डीके जोशी ने कहा कि मालवाहक जहाजों को 140 निजी एजेंसियां सुरक्षा दे रही हैं। उनके अपने जहाज हैं, उनके गार्ड के पास हथियार और गोला-बारूद रहता है। ये गार्ड पाकिस्तान एवं अन्य सेनाओं के पूर्व सैनिक हैं जो की देश के लिए गंभीर खतरा हे.एडमिरल जोशी ने कहा कि इन गाड्र्स की अदला-बदली होती रहती है। उन पर किसी का भी नियंत्रण नहीं है। कोई नहीं जानता कि ये कहां जाते हैं? कहां से आते हैं? इन पर कौन तैनात हैं? समुद्री लुटेरों ने अपना क्षेत्र बढ़ा लिया है। भारत के काफी करीब तक पहुंच गए हैं। लक्षद्वीप के पास पिछले दो सालों में समुद्री लुटेरों के चार जहाज मिले हैं। हमारे तट पर 450 समुद्री मील तक समुद्री लुटेरों का खतरा नहीं है। लेकिन खतरे की वजह से मालवाहक जहाज भारतीय तट के नजदीक से गुजर रहे हैं। केरल तट के पास दो भारतीय मछुआरों की इतालवी नौसैनिकों द्वारा हत्या का मामला भी इससे जुड़ा है।
एडमिरल जोशी ने बताया कि सरकार केंद्र और तटीय इलाकों वाले राज्यों में समन्वय बढ़ाने के लिए तटीय सुरक्षा बिल तैयार कर रही है। हमने मसौदा बना लिया है। चूंकि इसमें नौसेना के साथ ही राज्यों की पुलिस एजेंसियां भी शामिल है, इसलिए गृह मंत्रालय से भी मंजूरी ली गई है। सही समय पर इसे संसद में पेश किया जाएगा। मुंबई में आतंकी हमले के बाद नेवी को तटीय सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया था। उसके बाद से तटीय सुरक्षा नेटवर्क तैयार करने के लिए काफी काम किए गए हैं























