लखनऊ. उत्तरप्रदेश में गन्ना किसानों के बकाये के भुगतान, न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृदि करने और अब तक पेराई का काम आरंभ न होने की वजह से भाकियू ने चक्का जाम का फैसला किया है चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने चीनी मिल संचालकों की मनमानी पर अंकुश नहीं लगाया गया तो किसान अपने पशुओं को साथ लेकर आंदोलन में उतरेंगे। उन्होंने गन्ना को न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत 225 रुपये क्विंटल की दर से बेचने के बजाय खेत में ही जलाने की बात को दोहराया।
प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश सरकार की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।गन्ने के मुद्दे को लेकर पश्चिमी उप्र में बने टकराव के हालात पर काबू पाना किसी भी सरकार के लिए आसान काम नहीं है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के आह्वान पर किसान पूरे प्रदेश में सभी जिला केंद्रों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। कई जगहों पर गन्ना किसानों ने जिला मुख्यालय के बाहर ही बेमियादी धरना शुरू कर दिया है और चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाएंगी, यह आंदोलन समाप्त नहीं होगा। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को भुनाने हेतू बयानबाजी शुरू कर दी है।




















