भोपाल.
मध्यप्रदेश में 230 सदस्यों वाली विधानसभा के चुनाव के लिए 4,64,57,724 मतदाता 51 जिलों के 53,896 मतदान केंद्रों पर वोट डालेंगे। इन चुनावों में कुल 2,583 उम्मीदवार खड़े हैं। राज्य में भाजपा और कांग्रेस में कांटे की टक्कर हे , उट किसी भी करवट बेठ सकता हे.कांग्रेस ने बापसी के लिए पूरी ताकत लगा दी हे.
चुनाव कार्यालय के सूत्रों ने कहा कि आठ नक्सल प्रभावित जिलों में मतदान सुचारू रूप से और बिना किसी दिक्कत के हो, इसके लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं।
बीजेपी ने विकास का नारा दिया, महगाई पर हमला बोला.जबकि कांग्रेस ने भ्रस्टाचार पर हमला बोला और गरीब के विकास का नारा दिया , घोषणा पत्रों भाषणों में दोनों पार्टियो ने हर अच्छी बात का वादा किया, बीजेपी शिवराज के सहारे हे ,तो कांग्रेस ज्योतिरादीय दिग्विजय कमलनाथ के सामूहिक नेतृत्व में अभियान चला रही रही हे.मतदाता ने सबको भोगा अनुभव किया हे अब वो किसके दावो को चुनता हे देखना दिलचस्प होगा.
अपने अपने प्रभाव क्षेत्र में मतदाता के जेहन में अपना पक्ष उतारने के लिए सभी चीजो से लेस होकर दोनों दल की वोटर्स के सहारे टूट पड़े हे , कोई जाति धर्म के नाम पर, कोई कार्यो के आधार पर अपने को जीता मान रहा हे तो कोई विचारधारा के ही आसरे हे , जब तक चुनावी प्रक्रिया से अपराधियों को सख्ती से बाहर नहीं किया जाता और नोटा याने किसी को वोट नहीं का कानूनी सार्थक परिणाम नहीं निकलता तब तक उपलब्ध में से ही अधिक बेहतर अधिक उपयोगी, या कहे कि कम हानिकारक समीकरण को चुनने के लिए मतदाता अपने हितो का विश्लेषण कर निर्णय ले रहा हे .





















