भोपाल विधानसभा चुनाव के तहत सोमवार को होने जा रहे मतदान के लिए प्रदेश भर में सुरक्षा का अभेद्य पहरा बिठाया गया है। चुनाव आयोग से हरी झंडी मिलने के बाद राज्य में शांतिपूर्वक मतदान के लिए आर्म्ड फोर्स, होमगार्ड और विशेष पुलिस अधिकारियों सहित करीब सवा दो लाख सुरक्षा बल की तैनाती की गई है। इनमें आर्म्ड फोर्स में केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बल, दूसरे राज्यों के सशा पुलिस जवान और मध्यप्रदेश सशा पुलिस बल की कंपनियां शामिल हैं।
प्रदेश में वल्नरेबलिटी मैपिंग के दौरान 939 अंतरराज्यीय एवं 142 नक्सल प्रभावित बैरियर चिन्हित किए गए हैं। निगरानी के लिए सभी सीटों के अर्तगत 1081 चेक पोस्ट का जाल भी बिछाया गया है। जांच के लिए बनाए गए बैरियर्स पर केंद्रीय सुरक्षा बल, होमगार्ड एवं लोकल पुलिस की तैनाती की जा चुकी है। मतदाताओं को दबाव मुक्त रखने एवं विधानसभा क्षेत्रों में कानून व्यवस्था पुख्ता करने के लिए आला अफसरों के निर्देशन में सुरक्षा बलों का फ्लैग मार्च लगातार जारी है। रविवार को भी प्रदेश में चिन्हित किए गए 14 हजार 887 संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बलों के फ्लैग मार्च का सिलसिला जारी रहा।
एसएएफ की 552 कंपनियां तैनात
प्रदेश में केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बल और दूसरे राज्यों की आर्म्ड फोर्स की 552 कंपनियां सुरक्षा के लिए तैनात की गई हैं। इसके अलावा प्रादेशिक विशेष सशस्त्र बल की 91 कंपनियां व्यवस्था में लगाई गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था में 99 हजार वर्दीधारी बल भी लगाया गया है। मध्य प्रदेश के अलावा होमगार्ड के जवान उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, छत्तीसग़़ढ एवं कर्नाटक से आए हैं। विशेष पुलिस अधिकारी के रूप में करीब 58000 विशेष पुलिस अधिकारियों को भी मतदान केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था में लगाया गया है।
बालाघाट में विशेष सुरक्षा व्यवस्था
नक्सल प्रभावित विधानसभा क्षेत्र बालाघाट की सभी सीटों पर सुरक्षा के आयोग ने विशेष इंतजाम किए हैं। प्रदेश को पहले दो चरण में केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बल और दूसरे राज्यों के सशा बल की 48 कंपनियां मिल गई थीं जिन्हें नक्सल प्रभावित बालाघाट सहित राज्य के दूसरे जिलों में तैनात किया गया है। यहां नाकाबंदी, कलस्टर्स व्यवस्था, रोड ओपनिंग, स्ट्राइकिंग फोर्स तैनाती जैसे इंतजाम सिर्फ इसलिए किए गए हैं ताकि किसी भी सूरत में कानून व्यवस्था प्रभावित न हो सके।
फोर्स मूवमेंट के बेहतर इंतजाम
विधानसभा चुनाव के लिए बाहर से सुरक्षा बलों को लाने के लिए 32 स्पेशल ट्रेन, 910 बस, 350 ट्रक, 175 मिनी ट्रक और 175 जीप का उपयोग किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था में तैनात अफसरों के निर्देशन में मतदान वाले दिन इन वाहनों का मूवमेंट तय किया जाएगा। आपात स्थिति के लिए हर मतदान केंद्र में स्थानीय पुलिस बल के अलावा रिजर्व फोर्स के मोबीलिटी वाहन भी मौजूद रहेंगे.





















