वाशिंगटन। पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से परमाणु सामग्री जुटाने का पता अमेरिका को पिछली सदी के नौवें दशक में चल गया था, लेकिन उसने इसे नजरअंदाज किया। राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी द्वारा शुक्रवार को जारी दस्तावेज के मुताबिक पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से परमाणु सामग्री जुटाने का रहस्योद्घाटन जुलाई, 1987 में पाकिस्तानी नागरिक अरशद परवेज की गिरफ्तारी से हो गया था।
इसके बाद पाकिस्तान को लेकर अमेरिकी सरकार दो धड़ों में बंट गई थी, लेकिन रोनाल्ड रीगन प्रशासन ने रूस के खिलाफ अफगानिस्तान में इस्लामाबाद के उपयोग को देखते हुए इसे नजरअंदाज करने का फैसला किया था।
एनएसए ने कहा कि परवेज मामला दर्शाता है कि अमेरिकी सरकारी एजेंसियों ने किस तरह पाकिस्तान की परमाणु सामग्री जुटाने की गतिविधियों पर नजर रखने और उन्हें बाधित करने की कोशिश की। मगर उस समय रीगन प्रशासन ने पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने की अनदेखी करने के लिए अमेरिकी परमाणु अप्रसार कानून की खामियों का इस्तेमाल किया।






















