अहमदाबाद. एक महिला आर्किटेक्ट के अवैध जासूसी के मामले में घिरे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की मुश्किलें कम होती नहीं नज़र आ रही हैं। अब इस पूरे मामले से जुड़े एक अहम किरदार निलंबित आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा ने आरोप लगाया है कि उन्हें आपराधिक मामलों में इसलिए फंसाया गया है क्योंकि उन्हें मोदी और इस महिला आर्किटेक्ट की नजदीकियों के बारे में जानकारी थी। शर्मा ने यह भी कहा है कि उनके ऊपर फर्जी मामले दायर किए गए क्योंकि मोदी को ऐसा लगता था कि उनके पास गुजरात सीएम से जुड़ी एक अहम विडियो सीडी है।
गुजरात के निलंबित आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट से महिला जासूसी विवाद में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सीबीआई जांच कराने का आग्रह किया है। प्रदीप शर्मा ने याचिका दायर कर मामले में जारी ऑडियो टेप का संज्ञान लेने का अनुरोध भी किया है। उनका कहना है कि इसमें सबूत हैं कि राज्य सरकार ने किस तरह उन्हें फंसाने का प्रयास किया।
उन्होंने मोदी और अमित शाह के खिलाफ टेलीग्राफ कानून,1885 व दूसरे कानूनों के उल्लंघन के आरोपों की व्यापक जांच करने का निर्देश देने का आग्रह किया है। उन्होंने शपथपत्र में दावा किया कि उन्हें इसलिए फंसाया जा रहा है, क्योंकि उन्हें मोदी के युवा महिला आर्किटेक्ट से रिश्तों की पूरी जानकारी थी जिससे की मोदी की बनायी हुई छबि बुरी तरह प्रभावित हो सकती थी.





















