रक्षा मंत्री ए के एंटनी की अध्यक्षता वाले अधिकार संपन्न मंत्री समूह (ईजीओएम) ने आगामी स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए आरक्षित या शुरुआती मूल्य को 25 प्रतिशत बढ़ाने दूरसंचार आयोग की सिफारिश को मंजूरी दे दी,इस समूह ने शुक्रवार को हुई बैठक में 1800 मेगाहट्र्ज तथा 900 मेगाहट्र्ज बैंड में स्पैक्ट्रम की नीलामी के लिए दूरसंचार नियामक ट्राई द्वारा सुझाए गए आरक्षित या आधार मूल्य को बढ़ाने के दूरसंचार आयोग के सुझाव पर सहमति जताई।
दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने बैठक के बाद कहा कि हमने आरक्षित मूल्य पर अंतिम फैसला किया। ईजीओएम ने दूरसंचार आयोग की आरक्षित मूल्य संबंधी सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है। इस बढ़ोतरी के बाद भी आरक्षित मूल्य नवंबर की विफल नीलामी के मूल्य की तुलना में कम है। उस समय 1800 मेगाहट्र्ज बैंड के लिए आधार मूल्य 2800 करोड़ रुपये प्रति मेगाहट्र्ज रखा गया था। कोई कंपनी 900 मेगाहट्र्ज बैंड में न्यूनतम 5 मेगाहट्र्ज के लिए बोली लगा सकती है।
दूरसंचार मंत्री ने कहा कि 1800 मेगाहट्र्ज के लिए मात्रा के बारे में फैसला दूरसंचार विभाग से स्पेक्ट्रम उपलब्धता पर चर्चा के बाद किया जाएगा। सिब्बल ने कहा कि हमें 1800 मेगाहट्र्ज बैंड में नीलामी के लिए पेश किए जाने वाले स्पेक्ट्रम की कुल मात्रा को अंतिम रूप देना है। उम्मीद है कि इसका फैसला आने वाले सप्ताह के आखिर तक हो जाएगा।
ईजीओएम ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकार (ट्राई) से 800 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम के लिए आधार मूल्य सुझाने को भी कहा था जिसका इस्तेमाल सिस्तेमा जैसी सीडीएमए कंपनियां करती हैं। ट्राई ने 800 मेगाहट्र्ज बैंड के लिए आरक्षित मूल्य नहीं सुझाया क्योंकि उसका कहना था कि इस एयरवेव की नीलामी की अभी जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि 900 मेगाहट्र्ज बैंड में मौजूदा कंपनियों के लिए को कोई आरक्षण नहीं होगा। सिब्बल ने कहा कि जहां तक 900 मेगाहट्र्ज नीलामी का सवाल है तो मौजूदा कंपनियों के लिए कोई आरक्षण नहीं होगा। जिनके पास भी 900 मेगाहट्र्ज है वे नीलामी में भाग लेंगे। सिब्बल ने कहा कि यह नीलामी 21-22 जनवरी को होने की संभावना है।























