जयपुर.प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह ने गुरुवार को भाजपा के नरेन्द्र मोदी का नाम लिए बिना पलटवार करते हुए कहा कि हमारी पार्टी भाजपा के नेताओं की तरह असत्य का सहारा भी नहीं लेती है। हम जानते है कि जनता अपना वोट बडी बडी बाते करने वालों को नहीं बल्कि उसी राजनैतिक दल को देती है जिनके कार्यक्रम और नीतियां सकारात्मक हो और रिकार्ड अच्छा हो।उन्होने कहा कि आपको अलगाववादी ताकतों से बचने की जरूरत है,आपको ऐसी पार्टियों से बचने की जरूरत है जो अपनी साम्प्रदायिक सोच को छिपाने के लिए धर्मनिरेपक्षता की नयी परिभाषा बना रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैंने जबलपुर और रायपुर में कुछ दिन पहले भाजपा नेताओं की गलत बयानी के उदाहरण दिए थे। मैंने यह भी कहा था कि जो व्यक्ति किसी बडे संवैधानिक पद का दावेदार होता है उसकों अपनी बात जिम्मेदारी से करनी चाहिए। मुझे अफसोस है कि हर चुनावी सभा में भाजपा के कुछ बडे नेता मनगढंगत बातों का सहारा लेते है। हम अपनी बात संजीदगी और शालीनता से आपके सामने रखना चाहते है। भाजपा के कुछ बडे नेताओं की हम विपक्षियों के लिए अपमानजनक शब्दों के प्रयोग में विश्वास नहीं रखते है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कुछ नेता हर दिन तथ्यों को तोड मरोड कर आपको गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। वह जो भी कहते हैं उस मामले से पहले आपको चाहिए कि आप उनकी बातों की सच्चाई की ठीक से जांच कर लें।
सिंह ने गुजरात के मुख्यमंत्री का नाम लिए बिना कहा कि करीब एक महीने पहले भाजपा की एक रैली में भाजपा के एक मुख्यमंत्री ने मानवाधिकार हनन और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के उल्लंधन के बेबुनियाद आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि इन आरोपों को लगाने से पहले उन्हे अपनी सरकार के रिकार्ड को देखना चाहिए था। मैं नहीं समझता कोई भी ऐसा वक्त गुजरा है जब उनकी सरकार इन मुददो पर आरोपों से न घिरी हो। यहां तक कि एक बार तत्कालीन प्रधानमंत्री और भाजपा के एक बहुत बड़े नेता ने उन्हें इन मामलों में राजधर्म का पालन करने की हिदायत भी दी थी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सिर्फ कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है जो देश और समाज को एक रखकर प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ा सकती है।























