13 नंवबर को मध्य प्रदेश के अखबारों में कांग्रेस की ओर से दिए विज्ञापन में लिखा गया था- मुखिया के मुंह पर ताला, लालची परिवार ने मध्य प्रदेश को लूट डाला पर बीजेपी ने एतराज करते हुए चुनाव अयोग को शिकायत और मानहानि का नोटिस जारी किया.
इस विज्ञापन में मुख्यमंत्री के परिवार वालों का नाम नहीं है, लेकिन रिश्ते लिखकर हमला बोला गया है. इस विज्ञापन में कहा गया है कि नोट गिनने की मशीन की जरूरत घर में क्यों पड़ती है?
इसके जवाब में बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस हताशा पर अब उनके परिवार पर हमले बोल रही है,कांग्रेस ने इस मसले को 4 साल पहले क्यों नहीं उठाया?
यही नहीं, विज्ञापन में एक जगह यह भी लिखा है, ‘जब मुखिया हो जीजा, तो साला क्यों न कमाए?’, ‘जब सैंया जी हों मुखिया तो क्यों हो कानून का डर.’मुखिया के मुंह पर ताला,लालची परिवार ने मध्य प्रदेश को लूट डाला विज्ञापन पर मिले नोटिस को कांग्रेस प्रवक्ता झा ने हास्यस्पद बताते हुए, सरकार के भ्रस्टाचार गिनाते हुए मध्य प्रदेश को देश की करप्शन कैपिटल कहा.
इस चुनावी दौर में बयानबाजी में गिरावट के स्तर पार होकर एक दुसरे के लिए हर प्रकार के शब्दों का इस्तेमाल हो रहा हे .























