उद्योग व समाज में टाटा के योगदान के लिए उन्हें पहले सीआईआई अध्यक्ष पुरस्कार से सम्मानित करते हुए चिदंबरम ने कहा कि उद्योगपति रतन टाटा है कारपोरेट भारत के सचिन तेंदुलकर । मुंबई में टाटा समूह के मानद चेयरमैन को सम्मानित करने के लिए आयोजित समारोह में उद्योग जगत की कई दिग्गज हस्तियां मौजूद थीं।
सचिन पास ही वानखेड़े स्टेडियम में अपना अंतिम टेस्ट मैच खेल रहे हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि रतन के नाम पर भी वैसी भीड़ जुटती है, जैसी सचिन के नाम पर जुटती है । देश के इस प्रमुख उद्योगपति को सम्मानित करने के लिए इस मौके पर ओएनजीसी के प्रमुख सुधीर वासुदेव, इन्फोसिस के क्रिस गोपालकृष्णन, आईटीसी के वाई वी देवेश्वर, विप्रो के अजीम प्रेमजी, राहुल बजाज, आदि गोदरेज व टीसीएस के एस रामदुरई जेसे कोर्पोरेट दिग्गज भी मौजूद थे।
टाटा ने कहा कि वह इस सम्मान से अभिभूत हैं। उन्होंने याद करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी ने कैसे देश में बदलाव के लिए सीआईआई की भूमिका की सराहना की थी । टाटा ने अपने उस बयान को भी याद किया जिसमें उन्होंने कहा था कि वह बांबे हाउस यानी टाटा समूह के मुख्यालय से मत्यु के बाद नहीं निकलना चाहते हैं, क्योंकि बोर्डरूम के बाहर भी जिंदगी है। उन्होंने 75 साल की उम्र में सेवानिवत्त होने के फैसले के बारे में कहा कि वह ऐसे समय सेवानिवृत हुए हैं जबकि उनकी सेहत अच्छी है।
समस्त शेयरधारकों द्वारा अपने सेवानिवृत्ति के फैसले को पलटने के भारी आग्रह के बावजूद रतन टाटा अपनी बात पर टिके रहे। वह 28 दिसंबर, 2012 को टाटा समूह के चेयरमैन पद से सेवानिवृत्त हुए। वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि इस सम्मान के लिए टाटा सबसे उचित व्यक्ति हैं।






















