अमित शाह ने एक लड़की पीछा करवाया था जो न तो किसी केस में आरोपी थी और न ही कानून व्यवस्था के लिए किसी प्रकार का खतरा थी,सिंघला को उसकी चौबीस घंटे निगरानी का आदेश दिया ताकि किसी साहेब को उसके बारे में पल-पल की जानकारी दी जा सके न्यूजपोर्टल कोबरापोस्ट और गुलेल ने गुजरात के मोदी राज के बारे में एक सनसनीखेज खुलासा एक प्रेस कांफ्रेंस में किया गुजरात के पूर्व गृहराज्यमंत्री अमित शाह और अहमदाबाद में एटीएस के एसपी बतौर तैनात रहे जीएल सिंघला के बीच 4 अगस्त 2009 और 6 सितंबर 2009 के बीच हुई बातचीत की ऑडियो रिकार्डिंग पेश की । वेबसाइट का आरोप है कि ये टैपिंग गैरकानूनी है, लेकिन इससे पता चलता है इसमें अमित शाह, सिंघला को एक लड़की की चौबीस घंटे निगरानी का आदेश दिया ताकि किसी साहेब को उसके बारे में पल-पल की जानकारी दी जा सके। अमित शाह ने कहा कि ऐसा साहेब चाहते हैं। यही नहीं, अमित शाह ने भावनगर के तत्कालीन निगमायुक्त प्रदीप शर्मा की निगरानी करने का भी आदेश दिया था।
अमित शाह से बातचीत की ये रिकॉर्डिंग खुद सिंघला ने सीबीआई को सौंपी है। गौरतलब है कि आईपीएस अफसर सिंघला, इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले में आरोपी हैं। वे जेल में थे और उन्हें हाल ही में बेल मिली है। उन्होंने अमित शाह के साथ हुई बातचीत की ये रिकॉर्डिंग खुद की थी। ऐसी 267 रिकॉर्डिंग हैं जो उन्होंने 9 जुलाई 2013 को सीबीआई को सौंपी हैं।
वेबसाइट कोबरा पोस्ट के मुताबिक इन ऑडियो टेपों से साफ है कि कैसे अमित शाह के निर्देश पर गुजरात पुलिस की 3 प्रमुख शाखाओं – राज्य इंटेलिजेंस ब्यूरो, क्राइम ब्रांच और एटीएस – के अधिकारियों ने मिलकर बेंगलुरु की एक लड़की का अवैध ढंग से पीछा करवाया। उस आर्किटेक्ट लड़की के माता-पिता अहमदाबाद में रहते थे।
कोबरा पोस्ट की इस खबर के मुताबिक अमित शाह ने आईएएस ऑफिसर प्रदीप शर्मा का फोन टैप करने का भी निर्देश इन ऑफिसरों को दिया था क्योंकि कथित तौर पर उनके ‘साहेब’ को शक था कि शर्मा उस लड़की से मिलने वाले हैं और लड़की ने साहब (मोदी) के कोई राज आईएएस ऑफिसर प्रदीप शर्मा को बता दिए हे । शाह कथित तौर पर यह आदेश भी देते हैं कि शर्मा को वंजारा से भी ज्यादा समय के लिए किसी भी प्रकरण में फँसा अंदर कर दो। बाद में शर्मा को करप्शन के आरोपों में गिरफ्तार भी कराया गया था।
गौरतलब है कि इन टेपों और निगरानी से अनजान पूर्व कलेक्टर प्रदीप शर्मा आईएएस ने मई 2011 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि गुजरात सरकार उन्हें लगातार प्रताड़ित कर भ्रष्टाचार के झूठे मामलों में फंसा रही है और इसकी वजह है मोदी का एक महिला से कथित संबंधो की पोल खुलने का डर हे ।
जाहिर है, कांग्रेस को मौका मिल गया है पार्टी प्रवक्ता मीम अफजल कहते हैं कि अभी मैंने सुना कि मोदी कह रहे थे कि कांग्रेस मेरी जासूसी करा रही है,अब पता चला कि वो किसी लड़की की पल-पल की जासूसी करा रहे हैं। इस मामले को सीबीआई को गंभीरता से देखना चाहिए कि लड़की की किसलिए जासूसी करा रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने निगरानी को बेहद आपत्तिजनक बताते हुए नागरिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया है। वहीं बीजेपी ने पूरे मसले पर चुप्पी साध ली है।























