राष्ट्रमंडल देशों के शासनाध्यक्षों की बैठक (चोगम) की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के एक संवाददाता सम्मेलन में आज लिट्टे के खिलाफ युद्ध के दौरान तमिल नागरिकों के मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप प्रमुखता से छाए रहे। राष्ट्रपति ने इन आरोपों का कड़ाई से बचाव करते हुए कहा कि उनके पास छुपाने को कुछ नहीं है। आज सुबह करीब 30 मिनट के संवाददाता सम्मेलन में राजपक्षे ने तमिलों और विशेषकर इस समुदाय को एक संदेश भी भेजा कि वह उनके साथ मुद्दों पर विचार विमर्श करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने तमिल समुदाय को वार्ता का न्यौता भी दिया।





















