खजाने की कहानी में एक नया मोड़ आ गया है। खजाने की संभावना किसी सपने पर नहीं बल्कि संत शोभन सरकार के पास उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। खजाने की जानकारी देने और खोदाई के लिए सरकार को बुलाने वाले सोभन सरकार के शिष्य ओमजी ने संत को सपना आने की बात से इन्कार किया है। उन्होंने कहा कि सपने की बात गलत ढंग से फैलाई गई। इस बीच डौंडियाखेड़ा में शुक्रवार को पहली कुदाल चलेगी।




















