एसबीआई ने कहा- बैंकों में जमा नहीं हो पाएंगे 2.50 लाख करोड़ रुपये के 500 और 1000 के नोट. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का अनुमान है कि 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद किए जाने के बावजूद 2.5 लाख करोड़ रुपये के नोट बैंकिंग सिस्टम में शायद ही आ पाएं
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का अनुमान है कि 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद किए जाने के बावजूद 2.5 लाख करोड़ रुपये के नोट बैंकिंग सिस्टम में शायद ही आ पाएं। आठ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 लाख करोड़ रुपये के मूल्य के 500 और 1000 रुपये के नोटों के विमुद्रीकरण का एलान कर किया था। एसबीआई की इकॉनॉमिक रिसर्च डिपार्टमेंट की रिपोर्ट के अनुसार ढाई लाख करोड़ रुपये के नोट फिर से सिस्टम में नहीं आएंगे। एसबीआई के एनालिसिस के अनुसार 14.18 लाख करोड़ रुपये की करेंसी का अनुमान मार्च 2016 के डाटा पर आधारित है जबकि यह अनुमान नौ नवंबर के आधार पर किया जाना चाहिए था।
एसबीआई ने माना कि नौ नवंबर के डाटा के अनुसार बाजार में 15.44 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 500 और 1000 के नोट थे। यह मार्च 2016 के आंकड़ों की तुलना में 1.26 लाख करोड़ रुपये अधिक है। गौरतलब है कि इस रकम में बैंकों के पास मौजूद कैश को शामिल नहीं किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, ”यदि हम डाटा को करीब से देखें तो 10-18 नवंबर के बीच 605 बिलियन रुपये के नोटों को जमा/बदला गया था। यह आंकड़े 19-27 नवंबर के दौरान 501 बिलियन रुपये थे। इस तरह से दूसरे हिस्से में 17 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। कुल मिलाकर 10-27 नवंबर के बीच 8.44 लाख करोड़ रुपये जमा/बदले गए।
एसबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, ”इन सभी अनुमानों को जोड़कर देखा जाए तो पता चलता है कि 500 और 1000 रुपये के रूप में बैंकों के पास जो रकम आएगी उसका मूल्य 13 लाख करोड़ रुपये के आसपास होगा। इस तरह से लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये बैंकों के पास आने से रह जाएंगे।






















