
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और फ्रांस पर हुए आतंकवादी हमले स्वतंत्रता और विश्व बंधुत्व के मौलिक मूल्यों पर हमले हैं

भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने फ्रांस के राष्ट्रपति और गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि महामहिम श्री फ्रास्वां आलांदे की कल (25 जनवरी 2016) राष्ट्रपति भवन में अगवानी की और उनके सम्मान में एक भोज का आयोजन किया।

फ्रांस के राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति श्री मुखर्जी ने पेरिस में सफलता पूर्वक आयोजित सीओपी-21 के लिए बधाई देते हुए कहा कि रक्षा, अंतरिक्ष, असैन्य परमाणु ऊर्जा और सुरक्षा के क्षेत्रों में भारत और फ्रांस की रणनीतिक भागीदारी की बढ़ती हुई शक्ति दोनों देशों के दरमियान मजबूत आपसी विश्वास और समझ को दर्शाती है।
राष्ट्रपति ने फ्रांस के राष्ट्रपति को उनके नेतृत्व और पिछले नवंबर में पेरिस में हुए नृशंस आतंकी हमलों के मद्देनजर कड़ी कार्रवाई के लिए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने जो प्रतिक्रिया दर्शायी है वह फ्रांस की जनता की इस भावना और दृढ़ संकल्प को व्यक्त करती है कि आतंकवादियों को सफल नहीं होने देंगे। पठानकोट में हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर फ्रांस ने भारत के प्रति जो समर्थन और एकजुटता दिखाई है भारत उसकी सराहना करता है। आतंकवादी हमलें चाहे पेरिस में हुए हों या पठानकोट में, ये हमले स्वतंत्रता और विश्व बंधुत्व के मौलिक मूल्यों पर हमले हैं। आतंकवाद एक वैश्विक खतरा है जो सभी देशों के लिए चुनौती पैदा कर रहा है। आतंकवादी कृत्यों को कोई भी न्याय संगत नहीं ठहरा सकता है। इसके लिए आवश्यक है कि पूरा विश्व बिना किसी राजनीतिक विचार के इसके खिलाफ एक सुर में कड़ी कार्रवाई करे।
भोज के अवसर पर दिए भाषण में राष्ट्रपति श्री मुखर्जी ने कहा कि फ्रांस एक मात्र ऐसा देश है जिसे भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में पांचवी बार मुख्य अतिथि बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। फ्रांस का इंफ्रेंट्री दस्ता कल जब परेड में भारतीय सैनिकों के साथ कदम से कदम मिलाता हुआ मार्च करेगा तो एक बार फिर नए इतिहास का निर्माण होगा क्योंकि यह मार्च – पास्ट में भाग लेने वाला पहला विदेशी दस्ता होगा। यह केवल इतिहास नहीं है बल्कि यह हमारी दो सभ्यताओं और दोनों देशों की जनता के दरमियान गहरे संबंधों का प्रमाण होने के साथ-साथ हमारी दीर्घ कालीन रणनीतिक भागीदारी के लिए भी एक श्रद्धांजलि है। यह हमारे दो राष्ट्रों के उद्देश्य, समानता, स्वतंत्रता, भाईचारा और सत्यमेव जयते, शांति और न्याय के वैश्विक आदर्शों को प्राप्त करने के लिए विश्व को प्रोत्साहित करने हेतु मिलकर काम करने का भी प्रतीक है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच मित्रता आदर्शों और दोनों देशों की जनता की आकांक्षाओं में उल्लेखनीय समानता के द्वारा परिचालित है। सदियों से हमारी सभ्यताएं एक दूसरे के साथ वार्तालाप करती रही हैं और हम व्यक्तिगत स्वतंत्रता, आजादी और समानता का वायदा करने वाली जिस दुनिया में रहना चाहते हैं उसके साझा दृष्टिकोण से जुड़ी हैं, ऐसा विश्व जो बहुलवाद और लोकतंत्र का सम्मान करता है, ऐसा संसार जो सहिष्णुता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का प्रयास करता है ये उनसे भी जुड़ी हैं। समय की कसौटी पर खरी उतरने वाली हमारी दोस्ती आने वाले वर्षों में और मजबूत होगी क्योंकि इसकी नींव बहुत मजबूत है।
राष्ट्रपति ने कहा कि विज्ञान और अनुसंधान, शिक्षा, संस्कृति और स्वास्थ्य में हमारा सहयोग बढ़ रहा है, और वे इस बात से बहुत खुश हैं कि फ्रांस की सरकार और फ्रांस के उद्योग जगत के दिग्गज हमारी महत्वाकांक्षी विकासात्मक पहल, बुनियादी सुविधाओं, स्मार्ट सिटी, स्वच्छ ऊर्जा, रेलवे और कौशल विकास में सक्रिय रूप से भाग ले रहें हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत-फ्रांस की पुरातात्विक टीम ने चंडीगढ़ में 26 लाख साल पहले के एतिहासिक निष्कर्षों का पता लगाया है और मंगल ग्रह के अन्वेषण में भारत-फ्रांस भागीदारी का प्रस्ताव किया है जो इतिहास की गहराई का संयुक्त रूप से पता लगाने से लेकर सितारों और आकाश का अन्वेषण करने के लिए हाथ मिलाने की हमारी भागीदारी की अतुल्य गहराई को दर्शाता है। चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा की राजधानी है और एक ऐसा क्षेत्र है जहां एक सदी पहले हजारों भारतीय सैनिकों ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान फ्रांस की लड़ाई लड़ी थी और दस हजार के करीब सैनिक इस क्षेत्र में यहां-वहां बिखरे हुए कब्रिस्तान में दफन हैं। इन्होंने फ्रांस की स्वतंत्रता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिए हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि हमने नए साल की शुरूआत नई उम्मीदों और सपने के साथ की है और हमारे सामने जो चुनौतियों हैं उन पर काबू पाने के लिए संयुक्त रूप से संकल्प लिया है। फ्रांस के राष्ट्रपति की भारत यात्रा से भारत और फ्रांस द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचने और सभी के लिए शांति, स्थिरता तथा समृद्धि की समान आकांक्षा में नई शुरूआत हो रही है।






















