यूँ तो तारो के नाम हजारो सालो से लोग रखते आये है मगर अधिकारिक नाम केवल इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन ही रख सकता है। पूरे विश्व से 10000 खगोलविद वैज्ञानिको से बनी इस संस्था द्वारा तारो के नाम रखे जाते है
भारत से पहली बार नाम :
इस संस्था के निमंत्रण पर गुरुदेव वेधशाला,वड़ोदरा ने स्वाति नक्षत्र के तारे और उसके ग्रह के लिए भारत से पहली बार दो नाम भेजे है। tau Bootis तारे को विख्यात गायत्री सिद्ध ,3200 पुस्तको के विश्वविख्यात लेखक ,वेदो के भाष्यकार ,संगठनकर्ता ,स्वातंत्रय सेनानी आचार्य श्री राम शर्माजी के स्वातंत्र्य संग्राम के समय के उपनाम :” श्री राम मत्त ” का नाम देने का प्रस्ताव भेजा है। तो इस तारे के एक मात्र ग्रह tau Bootis b को श्री राम शर्मा आचार्यजी की धर्मपत्नी जिसने आचार्यजी का साथ एक तारे के आसपास घूमने वाला ग्रह देता है ऐसे दिया और जिन्होंने 150 से ज्यादा किताबे लिखे ,50,00,0000 से ज्यादा महिलाओ को महिला उत्कर्ष के साथ जोड़ा,लाखो लोगो को जीवन सही तरीके से जीना सिखाया उन माताजी भगवती देवी के नाम से ” भगवतीदेवी ” का नाम देने का प्रस्ताव भेजा है।
हर भारतीय के लिए गौरव :
यह भारत से पहली बार हुआ है की तारे और उसके ग्रह का नाम भारतीय होने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। हरेक भारतीय के लिए यह गौरव की बात होगी की विशाल ब्रह्माण्ड में तारो का ऑफिशल नाम भारतीय हो और जो सदैव सहस्त्राब्दियों तक अमर रहेगा।
कुल 245 प्रस्ताव :
ऐसे २० तारो को लिए 45 देशो से 245 प्रस्ताव आये है। और tau Bootis के लिए ७ प्रस्ताव आये है जिनमेसे एक है भारत का है जो गुरुदेव वेधशाला ने भेजा है और अगर वो पारित हो गया तो इतिहास रचा जायेगा।
पब्लिक वोटिंग शुरु :
इतिहास में पहली बार इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन तारो के नाम पब्लिक वोटिंग से चुनने जा रही है। कल से यह वोटिंग पूरे विश्व के लिए खोल दिया गया है जहा आम जनता अपने फेवरिट नाम के लिए कॉम्प्यूटर या स्मार्टफोन के जरिये ऑनलाइन वोट कर सकती है जिसमे केवल ५ मिनिट से ज्यादा नहीं लगेंगे। यह वोटिंग लाइन्स 31 अगस्त की मध्यरात्रि तक खुली रहेंगी। याद रहे इसमें एक मशीन से केवल एक ही बार वोट डाला जा सकता है। अगर ज्यादा लोग /स्टूडेंट्स हो तो उसमे दिए गए फॉर्म का इस्तेमाल किया जा सकता है।
अभी या फिर कभी नहीं।
भारतीय नाम को वोट देकर चयनित करके भारतीय होने का कर्तव्य निभाने की ये अब हमारी बारी है मेरे मित्र।
ध्यान में रखे
ध्यान रहे आपको Shri Ram Matt for tau Bootis & Bhagavatidevi fir tau Bootis b के आगे दिए गए वोट बटन को ही PRESS करके वोट देना है।
लाखो वोट भारतीय नाम को मिले इसके लिए इस मेसेज को विश्व्यापी बनादे। SMS ,मेल ,पत्र ,फोन ,सोशल मीडिया ,टीवी ,न्यूज़ पेपर्स इत्यादि के जरिए इस मुहीम को फ़ैलाने में मदद करे।
इस लिंक पर जाकर वोट दे :
कृपया इस लिंक पर जाकर अपना वोट श्री राम मत्त और भगवतीदेवी के नाम के आगे दिए गए बटन को प्रेस करके प्रदान करे।
http://nameexoworlds.iau.org/systems/107
कुछ तारो के बारे में :
tau Bootis ( श्री राम मत्त ) :
खुली आँखों से दृश्यमान ,4.5 मैग्नीट्यूड वाला ,सूर्य से 20 % ज्यादा मासिव ,हमसे 51 प्रकाश वर्ष दूर स्वाति तारे के पास में बूटेस या हलधर नाम से प्रख्यात नक्षत्र में आया है। यह येलो-ब्राउन कलर का बायनरी स्टार सूर्य से 4 गुना बड़ा है और 1.9 अरब साल पुराना है और उसका आयुष्य 6 अरब साल माना जाता है। उसे एक प्लॅनेट है जो tau Bootis b के नाम से विख्यात है। सूर्य के बाद का यह प्रथम स्टार है की जिसकी मेग्नेटिक पोलारिटी बदलती हुयी देखी गयी है।
tau Bootis b ( भगवतीदेवी )
tau Bootis का यह एक मात्र ग्रह है जो हमारे गुरु ग्रह से भी 5. 9 गुना बड़ा और पृथ्वी से 1875.2 गुना मासिव है और अत्यंत गर्म है ,वहा पानी होने की संभावना भी है। वो उसके पितृ तारे से केवल 6,90,000 किलोमीटर यानि की सूर्य से बुध की दुरी के केवल सातवे भाग जितना नजदीक है जिसके चलते वो अत्यंत गर्म भी है व केवल 3.31 दिन में ही tau Bootis की प्रदक्षिणा कर लेता है। 1996 में खोजा गया यह ग्रह सबसे पहले खोजे गए एक्सोप्लेनेट्स में से एक है।
तो मित्रो इस अमूल्य तक को जाने ना दे और इसे वोट देकर भारतीयता का निर्वहन करे।























