नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2014 . 2014 नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा हो चुकी है. कैलाश सत्यार्थी और मलाला यूसुफजई को पुरस्कार मिलने की घोषणा हुई है. दोनों को संयुक्त रूप से शांति का नोबेल पुरस्कार मिला है. यह पुरस्कार 10 दिसंबर को दिया जाएगा. कैलाश सत्यार्थी बचपन बचाओ आंदोलन के प्रमुख हैं.
नोबेल पुरस्कार 2014 की घोषणा शुक्रवार को ओसलो में नॉरवेगियन नोबेल कमेटी के चेयरमैन थॉरजोम जैगलैंड ने की. विजेताओं को 278 नामांकित लोगों में से चुना गया है. ये अब तक के सबसे ज्यादा उम्मीदवारों की सूची है. नोबेल कमेटी ने बताया कि साल 2013 में 259 उम्मीदवार थे.
पुरस्कार मिलने के बाद कैलाश सत्यार्थी ने कहा, ‘यह सम्मान पूरे देश का है, मैं मलाला के साथ मिलकर बाल मजदूरी से लड़ना चाहता हूं.
आतंकियों से टक्कर लेकर चर्चा में आईं मलाला
17 वर्षीया मलाला तब सुर्खियों में आईं, जब तालिबान आतंकवादियों ने लड़कियों की शिक्षा की वकालत करने को लेकर उन्हें गोली मार दी थी.
कमेटी ने कहा, ‘लड़कियों की शिक्षा के अधिकार के लिए मलाला ने कई वर्षों तक संघर्ष किया है और उदाहरण पेश किया है कि बच्चे और युवा अपनी स्थिति में सुधार के लिए खुद कोशिश कर कामयाब हो सकते हैं.’ बयान के मुताबिक, ‘ऐसा उसने बेहद खतरनाक स्थितियों में किया है. वीरतापूर्वक संघर्ष के द्वारा वह लड़कियों की शिक्षा के अधिकार की प्रमुख प्रवक्ता बन गईं.’ गौरतलब है कि अक्टूबर, 2012 में पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर इलाके में स्कूल से घर जाते समय तालिबान के बंदूकधारियों ने मलाला को गोली मार दी थी. हमले के बाद उसे विशेष इलाज के लिए ब्रिटेन भेजा गया था.
नोबेल शांति पुरस्कार समिति ने दोनों को इस साल के दुनिया के टॉप पुरस्कार के लिए चुना. जूरी ने कहा, ‘नॉर्वे की नोबेल समिति ने निर्णय किया है कि 2014 के लिए शांति का नोबेल पुरस्कार कैलाश सत्यार्थी और मलाला यूसुफजई को बच्चों और युवाओं के दमन के खिलाफ उनके संघर्ष तथा सभी बच्चों की शिक्षा के अधिकार के लिए उनके प्रयासों के लिए दिया जाए.’
कमेटी के मुताबिक, एक हिंदू और एक मुस्लिम, एक हिंदुस्तानी और एक पाकिस्तानी के लिए अहम बात यह है कि दोनों शिक्षा के अधिकार के लिए और आतंकवाद के खिलाफ समान संघर्ष में शामिल हुए. कमेटी ने कहा कि पूरी दुनिया में आज की तारीख में 16.8 करोड़ बाल मजदूर हैं. साल 2000 में यह संख्या 7.8 करोड़ ज्यादा थी. दुनिया बाल मजदूरी को खत्म करने के नजदीक पहुंच चुकी है.
ये हैं कैलाश सत्यार्थी
भारतीय समाजसेवी कैलाश सत्यार्थी को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। 80 हजार से ज्यादा बच्चों की जिंदगी बदलने वाले कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि अब हम शांति के लिए भी काम करेंगे। मैं खुद मलाला युसूफजई को फोन करूंगा कि आइए हम भारत-पाक में शांति के लिए मिलकर काम करें। गौरतलब है कि महात्मा गांधी को नोबेल पुरस्कार न दिए जाने को लेकर नॉर्वे की नोबेल कमेटी की आलोचना होती रही है। लेकिन कमेटी के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कैलाश सत्यार्थी ने बहुत से विरोध प्रदर्शन किए लेकिन उन्होंने महात्मा गांधी की शांति और अहिंसा की परंपरा को कायम रखा।
इस मौके पर कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि ये बहुत खुशी की बात है क्योंकि ये उन सभी बच्चों का सम्मान है जो सालों से उपेक्षित समझे जाते रहे हैं। करोड़ों बच्चे आज भी गुलामी कर रहे हैं। ये सम्मान उन बच्चों को मजबूती देगा। ये भारत का भी सम्मान है क्योंकि कई साल बाद किसी भारतीय को सम्मान मिला है। सभी भारतीयों को बधाई।
11 जनवरी 1954 को जन्मे कैलाश सत्यार्थी को भोपाल गैस त्रासदी के राहत अभियान और बच्चों के लिए काम करने को लेकर दुनिया का ये सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला है। पिछले दो दशकों से वे बालश्रम के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और इस आंदोलन को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए जाने जाते हैं।
कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि ये सम्मान सवा सौ करोड़ भारतीयों का सम्मान है। ये भारत के लोकतंत्र की जीत है जिसकी वजह से भारत से ये लड़ाई आरंभ हुई और आज दुनिया में हम जीत रहे हैं। ये उन बच्चों की भी जीत है जो अपनी जिंदगी बदलने के कड़े संघर्ष में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की भलाई के लिए उनका काम जारी रहेगा।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विदिशा में जन्मे कैलाश सत्यार्थी को नोबेल पुरस्कार मिलना भारत और मध्यप्रदेश के लिए महान गौरव का दिन है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि कैलाश सत्यार्थी और मलाला युसूफजई को नोबेल शांति पुरस्कार जीतने के लिए बहुत-बहुत बधाई। चलिए अब हम शांति को एक मौका दें।
सामाजिक कार्यकर्ता आमोद कंठ ने कहा कि 20 साल से ज्यादा वक्त से हम कैलाश जी के साथ काम कर रहे हैं। बाल श्रम पर उनसे ज्यादा काम दुनिया में किसी ने नहीं किया। ये भारत में समाज सेवा में जुडे लोगों को एक बड़ी ऊर्जा देगा।
1. कैलाश सत्यार्थी सामाजिक कार्यकर्ता और बचपन बचाओ आंदोलन के संस्थापक अध्यक्ष हैं.
2. अब तक 80 हजार से ज्यादा बच्चों की जिंदगी कैलाश सत्यार्थी ने बदली है.
3. 11 जनवरी 1954 को जन्मे कैलाश सत्यार्थी ने भोपाल गैस त्रासदी के राहत अभियान में भी जमकर काम किया.
4. 2009 में सत्यार्थी को डेफेंडर ऑफ डेमोक्रेसी अवॉर्ड (अमेरिका) मिला
5. 2008 में अलफांसो कोमिन इंटरनेशनल अवॉर्ड (स्पेन) मिला
6. 2007 में मेडल ऑफ द इटालियन सेनाटे (Medal of the Italian Senate) सम्मान से नवाजे गए
7. 2006 में फ्रीडम अवॉर्ड (अमेरिका)
8. 2002 में वैलेनबर्ग मेडल, यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन
9. 1999 में फ्राइड्रीच इबर्ट स्टीफटंग अवॉर्ड (जर्मनी)
10. 1995 में रॉबर्ट एफ. कैनेडी ह्यूमन राइट अवॉर्ड (अमेरिका)
11. 1985 में द ट्रमपेटेर अवॉर्ड (अमेरिका)
12. 1984 में द आचेनेर इंटरनेशनल पीस अवार्ड (जर्मनी)























