नई दिल्ली: चुनाव नतीजे घोषित होने से पूर्व बीजेपी के खेमे में हलचल बढ़ गई है और नेताओं के बीच मुलाकात का दौर लगातार जारी है। इस बीच सूत्रों के मुताबिक पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की भूमिका को लेकर सबसे ज्यादा अटकलबाजी हो रही है।
सूत्रों का कहना है कि आडवाणी सरकार में शामिल नहीं होना चाहते हैं और नरेंद्र मोदी भी नहीं चाहते हैं कि आडवाणी उनके नीचे किसी पद पर रहें। सूत्रों का कहना है कि आडवाणी लोकसभा स्पीकर बनना चाहते हैं। सूत्रों के मुताबिक नरेंद्र मोदी एनडीए के अध्यक्ष हो सकते हैं।
उनके लायक भूमिका को लेकर भाजपा और आरएसएस के बीच बातचीत भी हुई है. यह भी संभावना है कि यूपीए में जो भूमिका सोनिया गांधी की थी वही भूमिका आडवाणी को सौंपा जा सकता है. गौरतलब है कि आडवाणी भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं. ऐसे में उनके कद को देखते हुए पार्टी में उनके लायक भूमिका खोजने की कोशिश शुरू हो गई है.
इन्हीं सब मुद्दों पर चर्चा के लिए आज बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी और अरुण जेटली बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी से गांधीनगर में मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात में चुनाव नतीजों के बाद की भी स्थिति पर चर्चा होगी। बैठक में इस बात पर भी मंथन किया जा सकता है कि सरकार बनने की स्थिति में किसका क्या रोल होगा। वहीं सुषमा स्वराज से आज नितिन गडकरी ने मुलाकात की, जिसके बाद राजनाथ सिंह भी उनसे मिलने गए।
आडवाणी की भूमिका के बारे में गडकरी ने भी कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी और आडवाणी हमारे संस्थापक सदस्य हैं, हमारे सबसे वरिष्ठ नेता हैं। पार्टी का संसदीय बोर्ड उचित समय आने पर उचित फैसला लेगा। उन्होंने कहा कि राजनाथ हमारे पार्टी अध्यक्ष और मोदी हमारे प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं, लेकिन आडवाणी का मार्गदर्शन बेहद महत्वपूर्ण है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी की भूमिका पर भी विचार कर रही है






















