डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने कल अमेठी में दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर अपनी टिप्पणी को लेकर कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी वाड्रा के बयान पर पलटवार करते हुए आज कहा कि सच पचा नहीं पाने की तिलमिलाहट में उन पर बहुत ‘गंदा’ आरोप लगाया गया है और परमात्मा ऐसे लोगों को सद्बुद्धि दे।
मोदी ने डुमरियागंज सीट से भाजपा प्रत्याशी जगदम्बिका पाल के समर्थन में आयोजित चुनावी जनसभा में कहा ‘‘कल मैंने कांग्रेस परिवार का ब्यौरा दिया था लेकिन कांग्रेस के एक नेता ने बहुत हल्का शब्द प्रयोग किया है कि ना मेरा संस्कार है और ना ही चरित्र है। अगर हकीकत को बयान करना गुनाह है तो उसकी सजा भी मुझे मंजूर है।’’
उन्होंने कहा ‘‘मैंने कहा था कि हैदराबाद के एयरपोर्ट पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री टी. अंजैया का अपमान किया गया था। अगर यह गलत है तो मोदी का अपमान ठीक है लेकिन सच पचा नहीं पाने के कारण आपने कह दिया कि हम ‘नीचता’ की राजनीति कर रहे है। क्या नीची जाति में पैदा होना गुनाह है। मैंने क्या नीची जाति में पैदा होकर कभी किसी का अपमान किया है। मुझ पर इतना गंदा आरोप लगा दिया गया है।’’
मोदी ने करारा प्रहार करते हुए कहा ‘‘साठ साल की आजादी के बाद भी ये लोग कैसी मन:स्थिति में जी रहे हैं। ऐसे लोगों को परमात्मा सद्बुद्धि दे। मैं तो और कुछ कह भी क्या सकता हूं। चुनाव के बाद इस परिवार की राजनीति के इतिहास बनने की शुरुआत हो जाएगी।’’गौरतलब है कि प्रियंका ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार पर ‘‘निचले स्तर की राजनीति’’ करने का आरोप लगाया था।
प्रियंका ने कहा था, ‘‘मोदी ने अमेठी की धरती पर मेरे शहीद पिता का अपमान किया है। अमेठी की जनता इस हरकत के लिए उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। इनकी नीच राजनीति का जवाब मेरे बूथ कार्यकर्ता देंगे, अमेठी के एक-एक बूथ से जवाब आएगा।’’
मोदी ने अपने तेवर और तल्ख करते हुए कहा ‘‘यह तो इतिहास की सचाई है कि मैं नीची जाति में पैदा हुआ लेकिन मैं देश को भरोसा देता हूं कि मेरी राजनीति निम्न स्तर की नहीं है। मेरा सपना है एक भारत, श्रेष्ठ भारत।’’उन्होंने कहा कि नीची जाति के लोगों के पूर्वजों ने आपकी (नेहरू-गांधी परिवार) शानोशौकत भरी जिंदगी की सलामती, सुख और चेहरे की चमक के लिये आप पर जिंदगी न्यौछावर कर दी लेकिन आपने हमें अपने दरवाजों के बाहर बैठाया, अपमानित किया, नीचा दिखाया मगर हमने कभी बुरा नहीं माना। आपको मोदी को जितनी गालियां देनी है, दे दीजिये, फांसी पर लटका दीजिये लेकिन मेरे नीच जाति के भाइयों का अपमान मत कीजिये।
मोदी ने कहा ‘‘हमने सदियों से झेला है। आगे भी झेलने को तैयार हैं। हम कोई बदला नहीं चाहते लेकिन लोकतंत्र में हमें जीने का अधिकार तो दो। क्या गुनाह है हमारा। यह हिम्मत उनकी है कि हमें यह कहें कि हम नीच जाति के हैं, इस तरह हमें गाली दें।’’उन्होंने कहा ‘‘चाय बेचकर हमने कोई गुनाह नहीं किया। हमने चाय ही तो बेची है, देश तो नहीं बेचा। यह लोकतंत्र है, इसमें चायवाला तो क्या किसान के यहां मजदूरी करने वाला भी प्रधानमंत्री बन सकता है।’’
मोदी ने कहा ‘‘मैं नहीं जानता कि चुनाव आयोग इतनी भयंकर गाली देने वाले लोगों के सामने कुछ करने की हिम्मत करेगा या नहीं। उनकी मजबूरियां उनको मुबारक।’’ मोदी ने मुसलमानों की खासी तादाद वाले डुमरियागंज की जनता से कहा ‘‘अगर हिन्दू मुसलमान से और मुसलमान हिन्दू से लड़ेगा तो क्या दोनों को कुछ मिलेगा, किसी का भला होगा क्या। लेकिन हिन्दू और मुसलमान की एक ही मुसीबत है और वह है गरीबी।’’
उन्होंने पूछा ‘‘हम हिन्दू और मुसलमानों को मिलकर गरीबी से लड़ना चाहिये कि नहीं, हम मिलकर गरीबी से लड़ें। बांटों और कुर्सी सम्भालो की राजनीति अब बहुत हो चुकी। अब तो एक ही मंत्र होना चाहिये कि भाई को भाई से, बिरादरी को बिरादरी से गांव को गांव से जोड़ो और विकास करो। आइये, विकास की राजनीति करें।’’
मोदी ने कहा ‘‘देश की नयी पीढ़ी जाग चुकी है। यह जातिवाद, साम्प्रदायिकता के जहर से ऊपर उठ चुकी है। आपको अपना भविष्य बनाना है कि नहीं। आपके माता-पिता ने जैसी मुसीबतें झेलीं, क्या आप भी ऐसी मुसीबतों में जीना चाहते हैं। इसके लिये हमें रास्ता बदलना पड़ेगा।’’ उन्होंने कहा ‘‘यह सपा, बसपा और कांग्रेस 60 सालों में क्या आपकी जिंदगी में बदलाव लाए हैं। मैं आज उत्तर प्रदेश से कहने आया हूं कि एक बार विकास की राजनीति को अपना लीजिये, आपकी जिंदगी बदल जाएगी।’’






















