अमेठी। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने विकास के मुद्दे पर भाजपा की मंशा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह पार्टी भोजन की गारंटी और रोजगार गारंटी जैसे व्यापक जनहितकारी कानूनों को खत्म करने का इरादा रखती है। राहुल ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी के शासन वाले गुजरात में जमीन से वंचित किए गए किसानों को गुजरात का मूल नागरिक नहीं मानते हुए वहां से भगाए जाने का आरोप भी लगाया।
अपने चुनाव क्षेत्र अमेठी के टीकर माफी इलाके में चुनावी सभा में राहुल ने कहा-मुझे जानकारी मिली है कि भाजपा और मोदी की नीयत साफ नहीं है। वे भोजन और रोजगार गारंटी और जमीन का अधिकार जैसे कानून खत्म करने की मंशा रखते हैं। मोदी का विकास मॉडल एक-दो उद्योगपतियों तक सीमित है। उनमें एक नाम है अडाणी। कांग्रेस ने किसानों का 70 हजार करोड़ रुपए कर्ज माफ किया लेकिन गुजरात में मोदी ने 40 हजार करोड़ रुपए सिर्फ अडाणी को दे दिए।
राहुल ने कहा-गुजरात में अडाणी को किसानों की 45 हजार एकड़ जमीन एक रुपए वर्ग मीटर में एक व्यक्ति को दे दी गई, जबकि उसी जमीन को बाद में 800 रुपए मीटर के हिसाब से बेच दिया गया। मोदी ने अडाणी को जमीन देने से पहले किसानों से एक बार भी नहीं पूछा। हमने भट्टा-पारसौल की लड़ाई लड़ी और भूमि अधिग्रहण कानून बनाया। गुजरात के किसान परेशान हैं। उन्हें वहां से यह कहकर भगाया जा रहा है कि आप गुजरात के रहने वाले नहीं हैं। कुछ किसान हमसे दिल्ली में मिले थे। उन्होंने कहा कि हमारी जमीन ले ली गई और हमें यह कहकर वहां से भगाया जा रहा है कि आप गुजरात के नहीं हैं।
राहुल ने कहा कि वे महिलाओं को सम्मान देते हैं। उन्होंने 12 लाख महिलाओं को बैंकों से जोड़ा, उन्हें घर से निकलने का मौका दिया जबकि दूसरे लोग इसके विपरीत सोचते हैं। मोदी महिलाओं को शक्ति देने की बात करते हैं। मैं मोदी को बताना चाहता हूं कि हिंदुस्तान की महिलाएं कमजोर नहीं हैं। उनके अंदर बहुत शक्ति है। मोदी जी महिलाओं को इज्जत देना सीखें।
राहुल ने कहा कि मोदी पूरे देश की बात करते हैं, जबकि महाराष्ट्र में शिवसेना और भाजपा के लोग उत्तर प्रदेश के लोगों को मारकर भगाते हैं। गुजरात में पुलिसकर्मियों का इस्तेमाल महिलाओं का फोन टैप करने में किया जाता है। महिलाओं को परेशान किया जाता है और मोदी महिलाओं को शक्ति देने की बात करते हैं। मोदी गुजरात मॉडल की बात करते हैं, जबकि वहां शिक्षा और स्वास्थ्य का बजट आठ हजार करोड़ का है। इसके बावजूद वहां शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति बहुत दयनीय है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस जोड़ने की राजनीति करती है। दूसरी तरफ, लोग लड़ाने की राजनीति करते हैं। हिंदू-मुसलमान को लड़ाते हैं। हम ऐसा हिंदुस्तान चाहते हैं जिसमें कोई भूखा न हो, सभी के पास घर हो, मुफ्त इलाज की सुविधा हो, हर गरीब मुस्कुराता रहे। इस लोकसभा चुनाव में अगर कांग्रेस की सरकार आती है तो हम इसे करके दिखाएंगे।
अमेठी के साथ अपने भावनात्मक रिश्तों का इजहार करते हुए उन्होंने कहा-मैं अपने पिता राजीव गांधी के साथ 12 साल की उम्र में अमेठी आया था। उस समय यहां पर बिजली, सड़क, पीने का पानी, उद्योग-धंधे और स्कूल नहीं थे। मेरा यहां से घर का रिश्ता है, मैं यहां राजनीतिक नीयत से नहीं आता हूं। हमारे दिल जुड़े हैं, जो विपक्षी दलों को हजम नहीं होता है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा-राजीव जी ने दूरदर्शी विकास की योजना बनाई थी। आज उसी का नतीजा है कि अमेठी बदल गई है। आज जो मेरी, सोनिया जी और प्रियंका जी की मुखालफत करते हैं, वे ही लोग राजीव जी का भी विरोध करते थे। यहां कुछ लोग आए हैं, वे हमें और आपको अलग करना चाहते हैं।
गरीबों को घर देने के कांग्रेस के वादे का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा-बसपा की सरकार आती है तो इंदिरा आवास का काम आंबेडकर गांवों में होता है। किसी और की सरकार आती है तो कहीं और होता है। देश तेजी से प्रगति कर रहा है। इसलिए अब जरूरी हो गया है कि छप्पर के मकानों के स्थान पर लोगों के पास मजबूत छत के मकान होने चाहिए। मैंने अमेठी में राजमार्ग बनवाए हैं। लेकिन अंदरूनी सड़कों का निर्माण कराना उत्तर प्रदेश सरकार का काम है। प्रदेश की सरकार यहां बिजली और सड़क के लिए कोई काम नहीं करती है। इसके पहले राहुल ने टीकर माफी आश्रम में जाकर पूजा अर्चना की।





















