कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने आज इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया कि उनकी पार्टी भाजपा के साथ गठबंधन करेगी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा ‘‘ऐसा कभी नहीं होगा।’’ ममता ने यहां एक चुनाव रैली में कहा ‘‘ऐसा कभी नहीं होगा। कभी भी नहीं। कांग्रेस के कुछ बाबुओं को टीवी चैनलों पर ऐसा कहने के लिए कहा गया है इसलिए वह आज से यह कह रहे हैं कि हम भाजपा के साथ जाएंगे।’’ तृणमूल प्रमुख का सीधा इशारा पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष अधीर चौधरी की ओर था।
नंदीग्राम में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने आज भाजपा के सत्ता में आने पर 16 मई के बाद बांग्लादेशियों को वापस भेजने के पार्टी से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के वादे को पूरा करने की चुनौती देते हुए कहा कि ‘कागजी शेर’ पहले ‘रॉयल बंगाल टाइगर’ का सामना करे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक चुनावी सभा में यहां कहा, ‘‘एक आदमी को हाथ लगाकर देखिए, हम बताएंगे । कागजी शेर को पता होना चाहिए कि सुन्दरबन में रॉयल बंगाल टाइगर है,पहले उससे निपटें।’’
यह दावा करते हुए कि गुजरात के मुख्यमंत्री को इतिहास पता नहीं है उन्होंने कहा कि 1971 में भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और बांग्लादेश के राष्ट्रपति शेख मुजीबुर रहमान के बीच हुए समझौते के तहत बांग्लादेशी भारत आए हैं। यह आरोप लगाते हुए कि मोदी बंगालियों और गैर-बंगालियों को बांटना चाहते हैं, ममता ने कहा, ‘‘वह नहीं जानते हैं कि बांग्ला बोलना व्यक्ति को बांग्लादेशी नहीं बनाता है।
पूरे भारत में बांग्ला बोलने वाले हर व्यक्ति को बांग्लादेशी बना दिया गया है। यह भेदभाव है ।’’ श्रीरामपुर में रविवार को रैली के दौरान मोदी ने कहा कि 16 मई के बाद बांग्लादेशी अपना सामान बांधने के लिए तैयार रहें। 16 मई को ही लोकसभा चुनाव की मतगणना होनी है और परिणाम आना है। ममता ने दोहराया कि धर्मनिरपेक्षता को नहीं मानने वाले को प्रधानमंत्री नहीं बनने देंगी ।






















