नई दिल्ली। मात्र छह साल के भीतर भारत ने जापान को पीछे छोड़ दिया है। अब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जापान को पछाड़कर भारत ने यह स्थान हासिल किया है।
बैंक के इंटरनेशनल कंपेरिजन प्रोग्राम (आइसीपी) के 2011 राउंड में अमेरिकी और चीन के बाद भारत को पायदान दिया गया है। इससे पहले 2005 के सर्वे में भारत की इकॉनमी इस मामले में 10वें पायदान पर थी। पीपीपी का इस्तेमाल अलग-अलग देशों में चल रही कीमतों में अंतर को संतुलित कर लोगों की आमदनी और अर्थव्यवस्था की तुलना में होता है।
जारी आंकड़ों के मुताबिक, पीपीपी के लिहाज से 2011 में वैश्विक जीडीपी में भारत की हिस्सेदारी 6.4 फीसद थी, जबकि चीन और अमेरिका की क्रमश: 14.9 और 17.1 फीसद रही। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी के तौर पर अमेरिका का स्थान बरकरार है। इसके बाद चीन का नंबर आता है। भारत अब जापान से आगे निकलकर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बन गया है।’
हाल के वर्षो में भारत में ऊंची महंगाई दर के बावजूद कीमतें अब भी विकसित देशों के मुकाबले कम हैं। पीपीपी के लिहाज से इस रिपोर्ट में भारत की हाई रैंकिंग की यही वजह है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक कोष (आईएमएफ) के मुताबिक, भारत 12वीं सबसे बड़ी इकॉनमी है और एडजस्टेड डॉलर्स के लिहाज से इसका आकार जापान के महज एक तिहाई के बराबर है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘सस्ती कीमतों वाली इकॉनमी अफ्रीका या भारत समेत एशिया में हैं। भारत तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी है।’





















