पटना: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की बिहार इकाई के पूर्व अध्यक्ष सी पी ठाकुर ने शनिवार को इस चुनावी मौसम में आरक्षण का विरोध कर बिहार की राजनीति को गर्म कर दिया। ठाकुर ने शनिवार को कहा कि देश में आरक्षण की व्यवस्था खत्म होनी चाहिए। इसके बाद विपक्षी दलों ने आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा पर हमला शुरू कर दिया।
पटना में पत्रकारों से चर्चा करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ठाकुर ने कहा कि देश में आरक्षण 10 वर्ष के लिए लागू किया गया था, लेकिन आज आजादी के इतने दिनों बाद भी आरक्षण लागू है और आरक्षण की राजनीति चल रही है।
इस मामले में कांग्रेस के बिहार प्रभारी सत्यव्रत चतुर्वेदी ने बीजेपी पर दलित विरोधी और कमजोर वर्ग विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी आरक्षण के पक्ष में थी, है और आगे भी रहेगी। उन्होंने सवाल किया कि केंद्र में छह वर्ष के लिए बीजेपी की सरकार बनी थी, तब आरक्षण व्यवस्था क्यों नहीं खत्म कर दी गई?
इधर, बीजेपी के साथ गठबंधन कर लोकसभा चुनाव लड़ रही लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष रामविलास पासवान से जब इस मामले में पत्रकारों ने पूछा तो उन्होंने कहा कि ऐसे बयान देने वालों को आरक्षण व्यवस्था की सही जानकारी नहीं है। उन्होंने आरक्षण का पक्ष लेते हुए कहा कि सरकारी नौकरी और चुनावों में आरक्षण अलग-अलग मामले हैं।






















