नई दिल्ली। दुर्घटनाओं के मद्देनजर नौसेना प्रमुख के पद से डी के जोशी के अचानक इस्तीफा देने के बाद करीब दो माह से रिक्त पड़े चीफ ऑफ नैवल स्टाफ के पद की जिम्मेदारी एडमिरल रॉबिन के धोवन ने आज संभाल ली।
नौवहन और दिशा विशेषज्ञ धोवन नौसेना के उप प्रमुख थे और उन्हें एडमिरल जोशी के इस्तीफे के बाद कार्यकारी नौसेना नियुक्त किया गया था। नौसेना प्रमुख के पद पर एडमिरल धोवन का कार्यकाल 25 माह का होगा और वह मई 2016 में अवकाशग्रहण करेंगे। 59 वर्षीय धोवन ने उस समय जिम्मेदारी संभाली है जब बल युद्धपोतों की दुर्घटनाओं और अन्य दुर्घटनाओं से जूझ रहा है।
धोवन ने किसी संचालनगत कमान (ऑपरेशनल कमांड) का नेतृत्व नहीं किया लेकिन उन्होंने अपने करियर के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाली तथा स्टाफ नियुक्तियों का जिम्मा संभाला।
उनकी कमान नियुक्तियों में मिसाइल युक्त लड़ाकू पोत आईएनएस खुखरी, निर्देशित मिसाइल विध्वंसक आईएनएस रंजीत और आईएनएस दिल्ली तथा फ्लैग आॅफिसर कमांडिंग ईस्टर्न फ्लीट (एफओसीईएफ) शामिल हैं।
धोवन ने नई दिल्ली में मुख्यालय में नौसेना उप प्रमुख, नौसेना सहायक प्रमुख (नीति एवं योजना), खड़कवासला में नेशनल डिफेंस एकेडमी के कमांडेंट, लंदन में भारतीय उच्चायोग में भारतीय नौसेना सलाहकार तथा वेस्टर्न नेवल कमांड के मुख्यालय में चीफ स्टाफ ऑफिसर (ऑपरेशन) जैसे पदों पर अपनी सेवाएं दीं।
नौवहन एवं दिशा विशेषज्ञ धोवन ने अपनी पढ़ाई नेशनल डिफेंस एकेडमी, डिफेन्स सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और अमेरिका के रहोड आईलैंड स्थित नेवल वार कॉलेज से की।
शेखर सिन्हा सबसे वरिष्ठ थे, लेकिन वह दौड़ से बाहर रहे। प्रत्यक्ष तौर पर इसका कारण नौसेना में हुई 14 दुर्घटनाएं हैं। इनमें दो बड़े पनडुब्बी हादसे भी शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर दुर्घटनाएं 10 माह के दौरान वाइस एडमिरल शेखर सिन्हा की कमांड में हुईं।
जोशी का कार्यकाल पूरा होने में 15 माह बाकी थे लेकिन आईएनएस सिंधुरत्न पनडुब्बी हादसे के बाद 26 फरवरी को उन्होंने नौसेना प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया था। आईएनएस सिंधुरत्न पनडुब्बी हादसे में दो नौसेना अधिकारियों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। पिछले साल अगस्त में आईएनएस सिंधुरक्षक पनडुब्बी मुंबई में नौसेना की गोदी में डूब गई थी जिससे उस पर सवार 18 कर्मियों की मौत हो गई थी।
जोशी के अचानक इस्तीफे से नौसेना में उत्तराधिकार की पंक्ति प्रभावित हो गई। अगर जोशी अपने कार्यकाल के मुताबिक अगले साल अगस्त में सेवानिवृत्त होते तो दक्षिणी नौसेना के कमांडर वाइस एडमिरल सतीश सोनी अगले नौसेना प्रमुख बनते। समझा जाता है कि राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के कमांडेंट वाइस एडमिरल सुनील लांबा मई 2016 में धोवन की जगह लेंगे।





















