नई दिल्ली . एचएसबीसी जिनेवा में भारतीयों द्वारा रकम जमा कराने के मामले में सूचना साझा न करने पर भारत की तरफ से कानूनी कार्रवाई की धमकी दिए जाने के मामले में स्विटजरलैंड जल्द जवाब देगा। स्विस दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा, भारतीय वित्त मंत्री की तरफ से चिट्ठी मिली है। उन्हें जल्द ही हमारी तरफ से जवाब मिलेगा। इस महीने वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने स्विटजरलैंड के वित्त मंत्री को पत्र भेजा है, जिसमें कहा गया है कि अगर हमें सूचना देने से मना किया जाता है तो हम भारतीय कानून के तहत उपलब्ध विकल्पों का सहारा लेंगे।
भारत ने एचएसबीसी बैंक जिनेवा के 562 खाते के बारे में सूचना देने का अनुरोध किया था। फ्रांस सरकार के पास सूचना पहुंचने से पहले एचएसबीसी जिनेवा के एक कर्मचारी ने अनाधिकृत तरीके से हजारों खातों के बारे में सूचना हासिल की थी। इसके बाद फ्रांस सरकार ने भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा को यह सूचना भेजी थी। हालांकि स्विटजरलैंड ने इन आंकड़ों को चोरी किया गया बताते हुए अनुरोध पर कोई जवाब नहीं दिया। भारत चाहता है कि स्विटजरलैंड इस पर दोबारा विचार करे। भारत में यह मसला महत्वपूर्ण बन गया है, खास तौर से तब जबकि भ्रष्टाचार के मामले में राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश कर रही हैं। उच्चतम न्यायालय ने भी कालाधन वापस लाने में नाकाम रहने पर इस हफ्ते केंद्र सरकार की खिंचाई की और एसआईटी गठन पर टालमटोल के लिए सरकार को लताड़ा था।























