
दिल्ली. विधानसभा के लिए चार दिसंबर को होने वाले चुनाव में प्रचार के लिए सिर्फ एक दिन का समय रह गया है और रविवार को प्रमुख दलों के शीर्ष नेताओं ने अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंचने का प्रयास किया। मुख्य मुकाबला कांग्रेस,बीजेपी और आम आदमी पार्टी में हे.
सभी राजनैतिक पार्टियों ने मतदाताओं को लुभाने के लिए पूरा जोर लगा दिया है। रविवार को दिल्ली में कांग्रेस, बीजेपी और आम आदमी पार्टी की कई रैलियां हुईं। इसके अलावा जेडीयू और बहुजन समाज पार्टी की भी रैली हुई।
आज भी बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की कुछ जनसभाएं होनी हैं। इस बार दिल्ली में आम आदमी पार्टी के चुनाव मैदान में आने से मुकाबला कड़ा हो गया है। दिल्ली विधानसभा के नतीजे 8 दिसंबर को आ जाएंगे।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में पहली बार मैदान में उतरी आम आदमी पार्टी बहुमत के दावे कर रही है। पार्टी का दावा है कि वह इस बार के चुनाव में 38 से 50 सीटें जीतने में कामयाब होगी।
पार्टी के नेता योगेंद्र यादव की मानें तो दिल्ली के मतदाताओं का पार्टी में विश्वास बढ़ा है और उनका दल विधानसभा में सबसे बड़े दल के रूप में उभरेगा। उनके मुताबिक, आम आदमी पार्टी को 35 फीसदी से ज्यादा वोट मिलने का अनुमान है और ऐसे में आम आदमी पार्टी 50 सीटें तक जीत सकती है।





















