नई दिल्ली। दुनिया के नंबर एक शतरंज खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन के हाथों अपना विश्व खिताब गंवाने वाले भारतीय सुपर ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद ने कहा है कि वह नार्वे के इस खिलाड़ी की खेल शैली को समझ नहीं पाए।
आनंद ने कहा कि कार्लसन ने विश्व चैंपियनशिप में मुझे चौंका दिया था। उन्होंने कुछ भी अलग नहीं किया और बस परंपरागत शैली अपनाई। अमूमन विश्व चैंपियनशिप में खिलाड़ी विपक्षी खिलाड़ी को चौंकाने के लिए कुछ अलग तरह से करने की कोशिश करते हैं। लेकिन कार्लसन ने ऐसा कुछ नहीं किया। मैं उनके साहस की दाद देता हूं।
उन्होंने कहा कि मैंने सोचा था कि मैं उन्हें आसानी से दबाव में ला दूंगा और गलतियां करने पर मजबूर करूंगा। साथ ही मुझे लगा कि अगर वह बाजी पर अपनी पकड़ बना भी लेते है तो मैं उन्हें आगे नहीं निकलने दूंगा। लेकिन उनके खेलने की शैली ने मेरे लिए ऐसा करना मुश्किल बना दिया था।
हाल में चेन्नई में खेली गई विश्व चैंपियनशिप में कार्लसन ने आनंद को दस बाजियों में 6-5, 3-5 से हराकर खिताब जीता था। टूर्नामेंट की पहली चार बाजियां ड्रा रही थी। लेकिन इसके बाद आनंद को पांचवीं, छठी और दसवीं बाजी में शिकस्त का सामना करना पड़ा था।




















