नईदिल्ली.सहकर्मी पत्रकार के यौन उत्पीड़न मामले में चारों तरफ से घिर चुके तहलका के मुख्य संपादक तरुण तेजपाल की अग्रिम जमानत पर सुनवाई शनिवार तक के लिए टल गई है। इसके साथ ही दिल्ली से गोवा पहुंचे तेजपाल को शनिवार सुबह 10 बजे तक गिरफ्तार नहीं किया जायेगा.
लेकिन तहलका के पूर्व एडिटर इन चीफ तरुण तेजपाल को हिरासत में रहेंगे। तेजपाल से गोवा पुलिस की आज की पूछताछ खत्म हो गई है। उनके वकीलों ने गोवा के पणजी सेशंस कोर्ट में जमानत की गुहार लगाई थी फिलहाल उन्हें वहां से शनिवार सुबह दस बजे तक की अंतरिम राहत मिली है। कोर्ट में सुबह उनकी जमानत पर दोबारा सुनवाई होगी। फिलहाल
सैकड़ों किलोमीटर के इस सफर का एक-एक पल जैसे तरुण तेजपाल पर भारी बैठा। चेहरे पर बेचैनी, फ्लाइट की सीट पर आकर बैठने के बाद जैसे तरुण तेजपाल सीट में ही धंस गए। तहलका में काम करने वाली युवा महिला पत्रकार के यौन शोषण के संगीन इल्जाम का बोझ साफ नजर आ रहा था। तहलका को बनाने वाले इस प्रखर पत्रकार ने ताउम्र ऐसे लम्हे शायद ही जिये हों। संबल के तौर पर साथ में पत्नी, बेटी, भाई-बहन और वकील मौजूद थे। सवा दो घंटे की इस उड़ान से ऐन पहले आईबीएन7 ने उनसे कानून से आंखमिचौली के बारे में पूछा तो तेजपाल ने दावा किया कि वो कानून से भाग नहीं रहे। सच जल्द सामने आ जाएगा।
सवा दो घंटे बाद इंडिगो की फ्लाइट गोवा के दाबोलिम हवाई अड्डे पर उतरी। गोवा पुलिस के अधिकारी सबसे पहले विमान में दाखिल हुए, मीडिया को नीचे उतारा गया, यात्रियों को भी नीचे उतारा गया और इसके बाद तरुण तेजपाल पुलिस की टीम के साथ विमान से नीचे उतरे। गोवा के डॉना पॉला पुलिस थाने में ही तेजपाल के खिलाफ यौन शोषण का केस दर्ज हुआ है। गोवा के ही एक पांच सितारा होटल में तेजपाल पर अपनी सहकर्मी महिला पत्रकार का दो बार यौन शोषण करने का आरोप है।
जिस वक्त तेजपाल अपने परिवार के साथ गोवा के लिए रवाना हुए, उस वक्त उनके वकील पणजी की सेशंस कोर्ट में उनको राहत के लिए दलीलें दे रहे थे.
तेजपाल के वकीलों ने आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए तर्क दिए किः
1. 7 और 8 नवंबर को गोवा के होटल में ऐसा कुछ नहीं हुआ था जिसे गैरकानूनी या यौन शोषण कहा जा सके.
2–गोवा में 7, 8, 9, 10 और 11 नवंबर को फेस्ट था। ये घटना सात और आठ को कुछ सेकेंड के लिए घटी। अगर आप दस तारीख की एक तस्वीर को देखें तो वो महिला पत्रकार बाकी मेहमानों के साथ बेहद सामान्य नजर आ रही है।
3–अगर उस महिला के साथ कुछ गलत होता तो क्या वो सामान्य होती। लेकिन ये तर्क जज को नहीं भाया। उन्होंने वकीलों को झिड़का-कहा कि फिलहाल इस मामले में आप पीड़िता के आचरण के बारे में बात नहीं कर सकते हैं। हम उसे संदेह के घेरे में नहीं रख सकते। लेकिन तेजपाल के वकीलों के तर्क जारी रहे।
जैसेः-1. लड़की को शिकायत दर्ज कराने में 11 दिन क्यों लगे।
2. शिकायत किसी दुश्मन के कहने पर की गई है।
3. पुलिस सही तरीके से जांच नहीं कर रही है।
4. उसने अखबार में छपी खबर के आधार पर केस क्यों बनाया।
5. गोवा पुलिस की नीयत ठीक नहीं है।
6. केस बड़े नेता के इशारे पर बनाया गया है।
पुलिस ने भी कोर्ट में कहा कि इस मामले की तह तक जाने के लिए तेजपाल की गिरफ्तारी जरूरी है, उनपर लगे आरोप संगीन हैं। लेकिन तेजपाल के वकीलों ने कहा कि उनके मुवक्किल गोवा आ गए हैं और वो कानूनी प्रक्रियाओं का पूरा सम्मान करेंगे। लिहाजा उन्हें अंतरिम राहत दी जानी चाहिए। कोर्ट ने इसके बाद तेजपाल को अंतरिम राहत दे दी। शनिवार सुबह 10 बजे कोर्ट की कार्रवाई शुरू होने तक तेजपाल को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता।
गोवा पुलिस तो तेजपाल को दिल्ली में ही गिरफ्तार करना चाहती थी। शुक्रवार सुबह तकरीबन पौने सात बजे ही दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम के साथ वो तेजपाल के घर पहुंची थी। लेकिन उसे वहां तेजपाल नहीं मिले थे। इसके बाद तेजपाल के वकील पणजी सेसंश कोर्ट से ही दोपहर ढाई बजे तक गिरफ्तारी पर रोक लगवाने में कामयाब रहे थे।
उधर गोवा रेप कांड की पीड़ित महिला पत्रकार ने एक ताजा बयान जारी कर कहा है कि तहलका के पूर्व एडिटर इन चीफ तरुण तेजपाल ने उनके साथ जो कुछ किया वो कानूनी रूप से बलात्कार के दायरे में आता है।





















