नई दिल्ली.फूड सब्सिडी के मामले में भारत के सामने इंटरनैशनल नियमों के उल्लंघन के जोखिम की बात को स्वीकार करते हुए वाणिज्य व उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा है कि सरकार बाली में होने वाली डब्ल्यूटीओ की मंत्री स्तरीय बैठक में भारत के कमजोर वर्गों-किसानों के हितों की रक्षा करने के समाधान निकालने का प्रयास करेगी।
डब्ल्यूटीओ के कृषि पर समझौते में संशोधन की मांग कर रहा है ताकि सरकारी खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों को डब्ल्यूटीओ की ओर से बिना किसी जुर्माने के जोखिम के लागू किया जा सके। डब्ल्यूटीओ के नियमों के मुताबिक, कोई विकासशील देश अपने कुल कृषि उत्पादन का अधिक से अधिक 10 प्रतिशत तक ही खाद्य सब्सिडी उपलब्ध करा सकता है।
शर्मा ने संसदीय दलों के नेताओं को लिखे एक पत्र में कहा है, ‘भारत यह सुनिश्चित करेगा कि हमारे राष्ट्रीय हित की रक्षा हो जिसमें समाज के कमजोर वर्गों में हमारे किसानों के हित भी शामिल हैं।’आनंद शर्मा ने पत्र में कहा है कि ‘हमने पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि हम खाद्य सब्सिडी को लेकर किसी तरह की शर्तों को स्वीकार नहीं करेंगे और सभी दलों को बाली सम्मेलन के बाद के कार्यक्रम के लिए प्रभावी तरीके से काम करने को प्रतिबद्ध होना चाहिए।’ नौवां डब्ल्यूटीओ मंत्रिस्तरीय सम्मेलन 3 से 6 दिसंबर तक बाली में होगा। भारत सहित उभरते देशों का समूह जी-33,






















