छत्तीसगढ़ में संगीनों के साये में पहले चरण के चुनाव में 90 में से 18 सीटों पर मतदान शुरू हुआ। इसी के साथ मुख्यमंत्री रमन सिंह समेत बीजेपी सरकार के चार मंत्रियों की किस्मत ईवीएम मशीन में कैद होनी शुरू हो गई है। शांतिपूर्ण मतदान के लिए तकरीबन 70 हजार जवान तैनात किए गए हैं। कई मतदान केंद्र वीरान. छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित 18 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदान आज सुबह धीमी गति से शुरू हुआ। ये क्षेत्र नक्सलियों के गढ़ माने जाते हैं और यहां के जंगली इलाके में स्थित मतदान केंद्र वीरान नजर आ रहे हैं। यहां 13 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदान सुबह सात और पांच पर आठ बजे शुरू हुआ।छत्तीसगढ़ में पहले दौर की वोटिंग के दौरान सोमवार को कांकेर में हुए ब्लास्ट में एक जवान घायल हो गया. वहीं कांग्रेस और बीजेपी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबरें भी आई हैं. दिन चढ़ने के साथ मतदान में भी तेजी आई है. दंतेवाड़ा में सुबह ग्यारह बजे तक 25 फीसदी वोट पड़े.
बीजापुर, सुकमा, कोंटा और अनंतगढ़ विधानसभा क्षेत्रों के जंगली इलाकों में स्थित नौ केंद्रों पर नक्सलियों ने मतदान में बाधा डाली है. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का एक जवान कांकेर जिले में हुए ब्लास्ट में घायल हो गया, जबकि बीजापुर में 10 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किया गया.
इधर, जगदलपुर और कोंटा विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस और बीजेपी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई है. झड़प में जगदलपुर से कांग्रेस उम्मीदवार सामू कश्यप को चोटें आई हैं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है.
राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा, ‘सुबह 7 बजे वोटिंग शुरू हुई और अब तक 5 घंटे बीत चुके हैं. राजनांदगांव में करीब 45 प्रतिशत, बस्तर में 25 से 40 प्रतिशत वोट पड़े हैं. पिछली बार से ज्यादा लोग वोटिंग के लिए निकले हैं. मुझे हैट्रिक लगाने की उम्मीद है. ‘
नक्सल प्रभावित 18 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदान सोमवार सुबह धीमी गति से शुरू हुआ. ये क्षेत्र नक्सलियों के गढ़ माने जाते हैं और यहां के जंगली इलाकों में स्थित मतदान केंद्र वीरान नजर आ रहे थे, यहां दिन चढ़ने के साथ मतदान में तेजी आई है.
बस्तर के 12 सीटों और राजनांदगांव जिले की छह सीटों के लिए कराए जा रहे मतदान को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जहां 29 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं.
‘राइट टू रिजेक्ट’ के नाम से लोकप्रिय नन ऑफ द एबव (एनओटीए) के विकल्प को भी वोटिंग मशीन में रखा गया है, जिसकी शुरुआत भारत में छत्तीसगढ़ के प्रथम चरण के मतदान से हुई है.
बस्तर क्षेत्र के जंगली इलाकों के अधिकांश मतदान केंद्र शुरुआत में वीरान नजर आए.जिन केंद्रों पर सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ, वहां दोपहर तीन बजे मतदान संपन्न हो जाएगा, ताकि अधिकारी सूर्यास्त तक नक्सल प्रभावित इलाकों से सुरक्षित लौट सकें.






















