अपनी ख्याल गायकी से सात समुंदर पार तक श्रोताओं को मोहित कर चुके बनारस घराने के गायक बंधु पद्मभूषण पंडित राजन-साजन मिश्र का मानना है कि संगीत किसी भाषा का मोहताज नहीं है। जिस तरह पूरी दुनिया में इंसानों के खून का रंग एक जैसा है और संवेदनाएं भी एक समान हैं, वैसी ही अनुभूति शास्त्रीय संगीत की भी है।





















